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बारह नए ऑक्सीजन प्लांटों में से आठ ही बने, जरूरत नहीं होने से छह पड़े है बंद

- कोरोना के फिर सक्रिय होने की आशंकाओं के बीच ऑक्सीजन प्लांटों की सार-संभाल शुरू  
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बीकानेर

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Atul Acharya

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Updated: 2 Dec 2021, 6:06 AM IST

बारह नए ऑक्सीजन प्लांटों में से आठ ही बने, जरूरत नहीं होने से छह पड़े है बंद

बारह नए ऑक्सीजन प्लांटों में से आठ ही बने, जरूरत नहीं होने से छह पड़े है बंद

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट
बीकानेर. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मरीजों के लिए ऑक्सीजन की परेशानी पैदा होने पर पीबीएम अस्पताल में १२ नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने स्वीकृत किए गए। इनमें से ८ ऑक्सीजन प्लांट तैयार भी हो चुके है और शेष ४ को लगाया जाना है। अब मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता बहुत ही कम रह जाने से नए बने आठ प्लांटों में से छह को बंद किया हुआ है। अस्पताल प्रबंधन और केन्द्र व राज्य सरकार का मानना है कि जिस तरह से कोरोना का लगातार वेरिएंट बदल रहा है। थोड़े-थोड़े अंतराल पर फिर कोरोना वायरस फैलने लगात है। एेसे में ऑक्सीजन की भारी मांग की स्थिति पैदा होने पर यह ऑक्सीजन प्लांट मददगार साबित होंगे।

अब फिर सार-संभाल शुरू

कोरोना की लहर के दौरान मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऑक्सीजन के लिए पीबीएम अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जैसे-तैसे ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद १२ प्लांट स्वीकृत हुए लेकिन ऑक्सीजन की मांग बहुत कम रह जाने से चार स्थापित नहीं किए गए। अब कोरोना के नए वेरिएंट के खतरे और कोरोना मरीजों के फिर से सामने आना शुरू होने के चलते ऑक्सीजन प्लांटों की सार-संभाल शुरू की गई है। पीबीएम अस्पताल प्रबंधन ने अभी काम में नहीं लिए जा रहे ६ प्लांटों को भी तैयार रखा है। ताकि आपात स्थिति पैदा होने पर तुरंत इनको उपयोग में लिया जा सके। अभी चार और प्लांट स्थापित किए जाने है। उनमें से दो नगर विकास न्यास ने तथा दो अस्पताल प्रबंधन ने स्थापित करने है।

एक प्लांट सेटेलाइट अस्पताल में बनेगा

सेटेलाइट जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों के भर्ती करने की व्यवस्था के चलते एक ऑक्सीजन प्लांट लगाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। अब पीबीएम अस्पताल प्रशासन ने एक प्लांट सेटेलाइट अस्पताल में लगाने का निर्णय किया है।
इस समय ४०० सिलेंडरों की खपत

पीबीएम अस्पताल में इस समय प्रतिदिन ४०० ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों की खपत चल रही है। मांग के अनुसार ऑक्सीजन अस्पताल प्रशासन को मिल भी रही है। इस वजह से कोर्ई माथापच्ची नहीं हो रही है।
कोविड में १५०० सिलेंडरों की खपत

कोविड के दौरान मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। तब रोजाना पीबीएम अस्पताल में १५०० ऑक्सीजन सिलेंडरों की खपत होने लगी थी। इसकी पूर्ति के लिए बाहर से ऑक्सीजन के टैंकर मंगाए गए।
अभी भी बाहर से मंगा रहे

अस्पताल में इस समय सिलेंडरों की जितनी खपत हो रही है। उसमें से कुछ सिलेंडर बाहर से भी मंगाना पड़ रहा है। जबकि प्लांट अस्पताल में मौजूद है। अस्पताल में प्रतिदिन ४०० सिलेंडरों में से २२५ सिलेंडरों की खरीद की जा रही है। जबकि १७५ सिलेंडर गैस का उत्पादन परिसर में चल रहा है। क्योंकि मांग कम होने के कारण प्लांट शुरू नहीं किए जा रहे हैं।

पीएम केयर के १२५ वेंटिलेटर उपलब्ध

पीबीएम अस्पताल में पीएम केयर के तहत १२५ वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। जब ये उपलब्ध कराए गए थे तो उन्हें एक गोदाम में रख दिया था। लेकिन जब दूसरी लहर आई तो इन वेंटिलेटर की याद आई और इस पर राजनीति भी शुरू हो गई थी। लेकिन बाद में केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रयासों से इन वेंटिलेटरों की मरम्मत करवा कर मरीजों के लिए उपयोगी बनाया गया।

डिमांग नहीं होने के कारण प्लांट बंद किए

अस्पताल में आठ प्लांट स्थापित किए हुए हैं। इसमें से छह प्लांट इस वजह से बंद हैं क्योंकि कोविड मरीजों की संख्या कम होने के कारण ऑक्सीजन की मांग कम है। चार ऑक्सीजन प्लांट और बनाए जाएंगे। इसमें से एक प्लांट सेटेलाइट अस्पताल मेंं लगाने की योजना है। साथ ही कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए व्यवस्थाएं चाक चौबंद है।
- डॉ. परमिन्द्र सिरोही अधीक्षक, पीबीएम अस्पताल