
पीबीएम अस्पताल
बीकानेर . पीबीएम अस्पताल में व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। इन दिनों यातायात पुलिस की नजर पीबीएम में खड़े मरीज-परिजनों के वाहनों पर है। वहीं पीबीएम प्रशासन की अनदेखी से परिसर में घूमते बेसहारा पशु भी परेशानी का सबब बने हुए हैं।
परिसर में आवारा पशुओं को आने से रोकने के लिए सख्ती दो महीने भी नहीं चल पाई है। अब सुरक्षा गार्ड तैनात रहने के बाद भी यहां बेसहारा पशुओं का टोला घूमता देखा जा सकता है।
दो दिन पूर्व अस्पताल परिसर में आवारा पशुओं की लड़ाई में दो बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी। गनीमत रही कि कोई मरीज-परिजन चोटिल नहीं हुआ। कुछ ऐसे ही हालात यातायात पुलिस ने बना रखे हैं।
यातायात पुलिस को शहर के व्यस्ततम मार्ग केईएम रोड, रेलवे स्टेशन, गंगाशहर, दाऊजी रोड आदि क्षेत्रों में नो-पार्किंग में खड़े वाहन तो दिखाई नहीं दे रहे,
लेकिन पीबीएम में दवा व इलाज कराने वाले लोगों के दुपहिया वाहनों को जब्त करने में लगी हुई है। पीबीएम परिसर में यातायात पुलिस टीम हर दिन दो राउंड लगा रही है।
पुलिस व होमगार्ड के जवान यहां से लोगों के वाहन उठाकर थाने ले जाते है। इस दौरान कई लोग पुलिस के समक्ष गिड़गिड़ाते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
संवेदना दिखाएं
शहर के व्यस्ततम मार्गों में नो-पार्किंग में वाहन खड़े रहते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित है। यातायात पुलिस वहां कोई कार्रवाई नहीं कर रही, लेकिन अस्पताल में पहुंचने वाले परेशान लोगों के वाहन जब्त कर रही है। यातायात पुलिस मानवीय संवेदना दिखानी चाहिए।
हरीकिशन राजपुरोहित, समाजसेवी
दवा लेने आया था
अस्पताल में पवन सैनी ने बताया कि वह अपनी पत्नी को पीबीएम चिकित्सक को दिखाने के बाद चार नंबर दवा वितरण केन्द्र पर दवा लेने पहुंचा था। गाड़ी दवा वितरण केन्द्र के सामने खड़ी की, तभी यातायात पुलिस आ गई और गाड़ी को ट्रक में डालने लगी। उनके आगे खूब गिड़गिड़ाया, लेकिन सुनवाई नहीं की।
Published on:
28 Apr 2018 08:56 am
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