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बाॅर्डर पर बढ़ेगा पुलिस का पहरा, नशे के कारोबार पर करेंगे वार

सीमा पार पाकिस्तान से आ रही नशे की खेप युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। नशा कारोबारियों की कमर तोड़ने के लिए अब पुलिस सीमावर्ती गांवों पर फोकस कर रही है।
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बीकानेर

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Jai Prakash Gahlot

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Updated: 4 Apr 2025, 8:57 AM IST

- बॉर्डर के छह थानों की नौ चौकियां होंगी हाईटेक
बीकानेर.
सीमा पार पाकिस्तान से आ रही नशे की खेप युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। नशा कारोबारियों की कमर तोड़ने के लिए अब पुलिस सीमावर्ती गांवों पर फोकस कर रही है। सरहदी थाना इलाकों में पुलिस गश्त, निगरानी, नाकाबंदी को नियमित करेगी। गांवों में गुप्तचर तैयार करेगी, जो नशा तस्करों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने का काम करेंगे।

प्रथम चरण में सीमावर्ती पुलिस चौकियों को मजबूत किया जाएगा। पुलिस कप्तान और आईजी ने पुलिस थानों और चौकियों का रिव्यू किया है। सीमा क्षेत्र में बंद पड़ी पुलिस चौकियों को फिर से सक्रिय किया जाएगा। पुलिस बीएसएफ के साथ मिल कर भी बॉर्डर इलाके में नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

नौ में से पांच चौकियां बंद

सीमावर्ती इलाके के खाजूवाला, दंतौर व छतरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने तस्करों व बदमाशों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पूर्व में पुलिस चौकियां खोली थी। परन्तु इनमें स्टाफ व संसाधनों का अभाव है। नौ में से ऐसी पांच चौकिया हैं। अब पुलिस मुख्यालय प्रदेश में 17 एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स चौकियां खोल रही है। इसमें बीकानेर भी शामिल है। ऐसे में जिला पुलिस भी पहले से सतर्कता बरतते हुए पुलिस चौकियों को मजबूत करने की योजना बनाने में जुटी है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई

जिला पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 के पहले दो महीनों में मादक पदार्थ तस्करी के 73 प्रकरण दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल दो महीने में 49 प्रकरण दर्ज हुए। वर्ष 2022 में महज 27 प्रकरण दर्ज हुए। पुलिस ने डोडा-पोस्त, गांजा व अफीम व स्मैक बरामद की थी।

चौकियों को साधन संपन्न करेंगे

नशा और नशे के कारोबार के खिलाफ जिले के छह थाना इलाकों की नौ पुलिस चौकियों को साधन-संपन्न करेंगे। चौकियों में पुलिस स्टाफ व संसाधन बढ़ाएंगे। बॉर्डर इलाकों में थानों को नियमित रूप से रात्रिकालीन गश्त व नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरहद के नजदीक के गांवों में पुलिस के गुप्तचर तैयार करेंगे ताकि नशा कारोबार को जड़ से खत्म किया जा सके। - कावेन्द्र सिंह सागर, पुलिस अधीक्षक