पॉलिटिकल डायरी -- बीकानेर संभाग
आशीष जोशी
नौरंगदेसर...। बीकानेर-जयपुर रोड पर बसा छोटा सा गांव आज देश-दुनिया की नजर में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के बाद यह गांव चर्चा में है। इसी गांव से मोदी ने शनिवार को प्रदेश में डवलपमेंट कार्ड के सहारे एक तरह से विधानसभा चुनाव प्रचार का बिगुल बजा दिया। राज्य सरकार और उसके मंत्रियों को खूब घेरा और परिवारवाद नहीं, विकासवाद चाहिए...का नारा देकर हुंकार भरी। इनकी सरकार, इनके मुख्यमंत्री और इनके नेता...जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। मोदी ने साफ कहा कि विकास पूरी तरह जनता के पास तब पहुंचता है जब देश और प्रदेश की सरकार एकसाथ चले। सावन में मोदी की सभा ने मरुस्थल में सियासत का पारा चढ़ा दिया। मोदी के साथ केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों का बीकानेर में डेरा लगा रहा। सरकारी योजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण समारोह में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में ऊर्जा मंत्री भंवरसिंह भाटी व शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला शामिल हुए। पीएम के कार्यक्रम में पहुंची पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे कार्यक्रम के तुरंत बाद जयपुर नहीं लौटकर यहां रुकी और अगले दिन भी अपने समर्थक भाजपा नेताओं से मुलाकात की। इसे लेकर भी कई तरह के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
इससे पहले श्रीगंगानगर में आम आदमी पार्टी की सभा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान आने वाले चुनाव में राजस्थान में आप की बड़ी एंट्री का संकेत दे चुके हैं। इधर, संभाग में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सुप्रीमो हनुमान बेनावल लगातार रैलियां कर सक्रियता दिखा रहे हैं। इन सबके बीच कांग्रेस अपनी योजनाओं और राहत शिविरों के भरोसे सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी नजर आ रही है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति दिल्ली हाईकमान के आदेश से अटक गई है। इन दोनों जिलों में जिलाध्यक्ष पद तीन साल से अधिक समय से रिक्त पड़े हैं। विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और नियुक्ति को बार-बार टाला जा रहा है। वहीं भाजपा बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर चुकी है।