महफूज बताते है कि आज भी रेसिंग साइकिल विदेश में ही बनकर भारत आती है। पहले लोहे की साइकिल रेसिंग में काम ली जाती थी। फिर एल्युमिनियम की साइकिल चलन में आई। अभी सात-आठ साल से कार्बन फाइबर की साइकिल आ रही है। उसके पास इंग्लैण्ड, यूएस, इटली, जर्मनी, चीन, यूएसए, जापान और ताइवान आदि देशों में निर्मित रेसिंग साइकिल मरम्मत के लिए आती है।