
rajasthan election 2018
बीकानेर. राजनीति की महत्वकांक्षा कई बार दिलों में दूरियां बनाने का काम भी कर देती है। कुछ एेसी ही प्रतिस्पद्र्धा बीकानेर की दो विधानसभा सीटों पर देखने को मिल रही है। यहां पश्चिम विधानसभा सीट पर जहां साला-बहनोई चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं, वहीं नोखा विधानसभा क्षेत्र में मामा-भांजी की टक्कर होगी।
पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. बीडी कल्ला के सामने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. गोपालकृष्ण जोशी ने पर्चा दाखिल किया है। दोनों की आपस में साला-बहनोई की रिश्तेदारी है। चुनावी मैदान में दोनों का मुकाबला पहली बार नहीं हो रहा है, ये तीसरी बार चुनावी मैदान में हार-जीत का दाव खेलेंगे। वर्ष 2008 व 2013 के विधानसभा चुनावों में डॉ. जोशी ने अपने ***** डॉ. कल्ला को चुनावी रणनीति में पराजित किया था। उम्र के लिहाज से बहनोई डॉ. जोशी, डॉ. कल्ला से बड़े हैं। राजनीति की कदकाठी में भी वे वरिष्ठ हैं। डॉ. जोशी 1972 में बीकानेर से कांग्रेस पार्टी से विधायक रहे हैं। मजेदार बात यह है कि 1980 में डॉ. कल्ला कांग्रेस से बीकानेर में विधायक बने। तब साला-बहनोई दोनों एक ही पार्टी में थे। वर्ष 2008 में डॉ. जोशी भाजपा के प्रत्याशी बनकर मैदान में उतरे और डॉ. कल्ला को हराया। तब से दोनों आमने-सामने चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।
नोखा में डूडी के सामने इंदु तर्ड
नोखा विधानसभा की हॉट सीट पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी के सामने उनकी भांजी व उप जिलाप्रमुख इंदु तर्ड चुनाव मैदान में उतर गई हैं। तर्ड ने सोमवार को अपने समर्थकों के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से पर्चा दाखिल किया। सूत्रों का कहना कि जिला परिषद चुनाव के समय इन्दु तर्ड जिला प्रमुख पद के लिए प्रबल दावेदार थी, लेकिन डूडी ने सुशीला सींवर को जिला प्रमुख बनवा दिया। इसके बाद से ही दोनों परिवारों में खटास बढ़ गई। इसी खटास ने मामा-भांजी को राजनीतिक प्रतिद्वंदी बना दिया। अब डूडी के जातिगत वोटों में सेंध लगाने के लिए ही यह दावं खेला गया है। इंदु तर्ड नोखा कृषि उपज मंडी के पूर्व चेयरमैन श्रीराम तर्ड की पौत्रवधू हैं। श्रीराम तर्ड भी अच्छी राजनीतिक पकड़ रखते हैं।
Published on:
20 Nov 2018 10:52 am
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