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प्रशिक्षणार्थी को रोडवेज अधिकारियों की शिकायत करना महंगा पड़ा, अधिकारियों ने दिखा दिया बाहर का रास्ता

बीकानेर आगार में प्रशिक्षण ले रहा था परिवादी, शिकायत में व्यवस्थाओं की खोली थी पोल

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राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के बीकानेर आगार में विद्युतकार का प्रशिक्षण ले रहे एक प्रशिक्षणार्थी को रोडवेज अधिकारियों की शिकायत करना महंगा पड़ा। उसके द्वारा की गई शिकायत का निवारण करने की बजाय अधिकारियों ने उसे बीकानेर आगार के बाहर का रास्ता दिखा दिया।

प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थी मनोज कुमार का आरोप है कि उसने रोडवेज की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत का निवारण करने की बजाय उसे ही निकाल दिया गया। उसने बताया कि अब उसका पंजीयन किसी अन्य संस्थान में नहीं हो सकेगा।

उपकरण के उपयोग की जानकारी नहीं

अपनी शिकायत में मनोज कुमार ने लिखा कि रोडवेज के बीकानेर आगार में इलेक्ट्रीशियन के पद पर एक चालक को नियुक्त कर रखा है, लेकिन उन्हें किसी भी उपकरण के उपयोग की जानकारी नहीं है। एेसे में उन्हें हटाकर किसी अन्य अनुभवी व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाए ताकि उन्हें विद्युतकार का प्रशिक्षण मिल सके।

प्रशिक्षण देने से किया इंकार
उसने लिखा कि जिस कार्मिक को रोडवेज प्रशासन ने प्रशिक्षण देने के लिए नियुक्त कर रखा है, वह उनसे मूल कार्य नहीं करवाकर अन्य कार्य करवा रहा है। इससे उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।परिवादी की शिकायत के बाद रोडवेज प्रशासन ने शिकायत का जवाब देते हुए यह भी लिखा कि परिवादी को कार्यालय में बुलाकर संतुष्ट कर दिया गया है। लेकिन यह जवाब लिखे जाने के कुछ समय बाद ही उसे रोडवेज प्रशासन ने प्रशिक्षण देने से इंकार करते हुए उसे निकालने के आदेश जारी कर दिए।

बीकानेर आगार की मुख्य प्रबंधक इन्द्रा गोदारा ने अपने कार्यालय आदेश में लिखा कि मनोज कुमार के विरुद्ध विद्युत शाखा प्रभारी एवं प्रबंधन (संचालन) द्वारा प्राप्त शिकायत के अनुसार इनका कार्य एवं आचरण कार्यशाला में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उचित नहीं था। एेसे में इनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

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