
Rajasthan News: बीकानेर की प्रियंका बिश्नोई, जो जोधपुर में सहायक कलक्टर के पद पर तैनात थीं, की अचानक मौत ने समाज में गहरा शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। प्रियंका की तबीयत बीते दिनों बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें जोधपुर के वसुंधरा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती, जिसके कारण उनकी हालत गंभीर हो गई।
पेट दर्द के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
प्रियंका को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान परिजनों का कहना है कि उन्हें अधिक एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे वह कोमा में चली गईं। इसके बाद प्रियंका ब्रेनडेड हो गईं और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। इस घटना के बाद उनके परिजन प्रियंका को अहमदाबाद ले गए, जहां बुधवार रात उनकी मृत्यु हो गई।
सरकारी अफसरों ने की जांच शुरू
जोधपुर के जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। हालाँकि, तीन दिन बीत जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। यह स्थिति समाज में और भी गुस्से का कारण बन रही है, खासकर बिश्नोई समाज के लोगों के बीच, जो प्रियंका के निधन से शोक में हैं। प्रियंका बिश्नोईए जो 2016 बैच की आरएएस अधिकारी थीं, अपने क्षेत्र में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थीं। उनके निधन ने प्रशासनिक महकमे में भी एक गहरी चिंता का माहौल पैदा किया है। समाज के लोगों का मानना है कि न्याय मिलना चाहिए, ताकि इस तरह की लापरवाहियों को रोका जा सके। प्रियंका ने काफी मेहनत के बाद ये मुकाम पाया था। वे युवाओं के लिए प्रेरणा थीं।
Updated on:
19 Sept 2024 07:49 am
Published on:
19 Sept 2024 07:49 am
