हरी सब्जियों की आवक में इजाफा होने के साथ ही भावों में कमी दिखनी शुरू हो गई है। सब्जी दुकानदारों का कहना है कि आने वाले समय में सब्जियों के भावों में और कमी आ सकती है।
लगभग एक महीने या उससे कुछ ज्यादा समय तक मार्केट में हाहाकार मचाने वाला टमाटर जहां अब फिर से आम आदमी की पहुंच में आ चुका है, तो वहीं कई दूसरी हरी सब्जियां भी अब सामान्य थाली में नजर आने लगी हैं, जो बरसात के दिनों में सिरे से ही गायब हो गई थीं। ऐसा पिछले कुछ समय से सब्जियों के भावों में आई नरमी के चलते देखने को मिल रहा है। हरी सब्जियों की आवक में इजाफा होने के साथ ही भावों में कमी दिखनी शुरू हो गई है। सब्जी दुकानदारों का कहना है कि आने वाले समय में सब्जियों के भावों में और कमी आ सकती है। बाहर से आवक होने के साथ-साथ शहर के स्थानीय फार्म हाउस से भी सब्जियों की आवक अच्छी तादाद में होने से ग्राहकों को इसका फायदा मिलता दिख रहा है। कई सब्जियों में तो लगभग 15 से 20 दिन पहले केभावों और अब के भाव में जमीन-आसमान का अंतर दिख रहा है। साधारण मांग और आवक में बढ़ोतरी के चलते सब्जियों के भावों में 25 से 30 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है।
टमाटर अब 30 रुपए किलो तक लुढ़का
सबसे ज्यादा असर टमाटर के भावों में देखने को मिला है। सब्जी विक्रेता संजय रूपेला ने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह तक टमाटर 200 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब वह 30 रुपए प्रति किलो स्तर तक आ चुका है। इसके अलावा भी कई सब्जियों के दामों में कमी आई है। बाजार में मशरूम के पैकेट भी नजर आ रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार 200 ग्राम के पैकेट के दाम 40 से 50 रुपए हैं।
आगरा के आलू, बीकानेर का काकड़िया
बाजार में अलग-अलग जगहों से सब्जियों की आवक हो रही है। बाहर से आने वाली सब्जियों में आगरा और पंजाब से आलू, पीलीबंगा से भिंडी, करेला अहमदाबाद, नासिक से टमाटर आ रहे हैं। वहीं ग्वारफली सीकर की, सिलीगुड़ी से अदरक, काकड़िया बीकानेर से आ रहा है, जबकि शिमला मिर्च नासिक और रतलाम से आ रहे हैं।