
नगर निगम क्षेत्र में अब मकानों, दुकानों और संस्थानों से कचरा संग्रहण शुल्क वसूला जाएगा। निगम की ओर से घर-घर कचरा संग्रहण को निजी फर्म के माध्यम से करवाने के लिए टेण्डर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। टेण्डर की शर्तो के मुताबिक अगर कोई फर्म इस कार्य को करने के लिए तैयार हो जाती है तो शीघ्र ही निगम क्षेत्र में यह व्यवस्था प्रारम्भ हो जाएगी व प्रत्येक घर, दुकान तथा संस्थान से कचरा संग्रहण के लिए 'यूजर चार्ज' वसूला जाएगा।
यह शुल्क फर्म के माध्यम से वसूला जाएगा। प्रत्येक घर से कितना शुल्क लिया जाएगा, एक वार्ड में कितनी टैक्सी लगेगी व कितने फेरे प्रतिदिन एक पारी में होंगे। इनका निविदा प्रपत्र में उल्लेखित नहीं किया गया है। घर-घर कचरा संग्रहण कार्य के लिए प्राप्त निविदाओं में तकनीकी प्रस्ताव सात दिसम्बर को खोले जाएंगे। वित्तीय प्रस्ताव खोलने की तारीख का उल्लेख भी निविदा प्रपत्र में उल्लेखित नहीं है।
नहीं दिया शुल्क तो होगी कानूनी कार्रवाई
नगर निगम की ओर से जो घर घर कचरा संग्रहण को लेकर जो निविदा प्रपत्र जारी किया गया है उसमें बताया गया है कि यदि किसी परिवार, दुकान अथवा संस्थान की ओर से यूजर चार्ज देने से इंकार किया जाता है व संवेदक की ओर से इसकी जानकारी निगम को दी जाती है तो नगर निगम अधिनियम 2009 के तहत संबंधित के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शुल्क की जानकारी नहीं
घर-घर कचरा संग्रहण कार्य के लिए प्रत्येक मकान, दुकान या संस्थान को किस दर से यूजर चार्ज संबंधित फर्म को देना है। इसकी जानकारी निविदा प्रपत्र में नहीं दी गई है। हालांकि महापौर बताते हैं कि यूजर चार्ज राज्य सरकार की ओर से जो निर्धारित कर रखा है उसके अनुसार ही लिया जाएगा। उससे कम या अधिक नहीं।
निगम करेगा कमाई
घर घर कचरा संग्रहण व्यवस्था में फर्म की ओर से कचरा संग्रहित किया जाएगा, यूजर चार्ज भी फर्म वसूलेगी मगर नगर निगम फर्म से कचरा उठाने के लिए कमाई करेगा।
न्यूनतम 10 प्रतिशत लाभांश में हिस्सेदारी
निगम क्षेत्र में फर्म की ओर से जो कचरा संग्रहण कार्य किया जाएगा व यूजर चार्ज के रूप में फर्म को जो शुल्क प्राप्त होगा, उसका न्यूनतम दस प्रतिशत लाभांश नगर निगम को प्राप्त होगा। निविदा प्रपत्र की शर्तो के अनुसार संवेदक की ओर से न्यूनतम दस प्रतिशत लाभांश नगर निगम को देना होगा। अगर इससे कम लाभांश दर की कोई निविदा प्राप्त होती है तो उसे मान्य नहीं किया जाएगा।
आमजन के साथ अवैध वसूली
एक तरफ जहां प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश को साफ-सुथरा बनाने की मुहिम में जुटे हुए है वहीं दूसरी ओर नगर निगम कचरा संग्रहण के लिए शुल्क वसूलने की तैयारी में है। यह अनुचित है व आमजन से अवैध वसूली के सामान है। आम नागरिक को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाना नगर निगम का दायित्व है, मगर निगम इस कार्य से पीछे हट रहा है। प्रदेश के किसी भी नगर निगम में शुल्क वसूलने की व्यवस्था नहीं है। इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा, विरोध किया जाएगा।
डॉ. भगवान सिंह मेड़तिया, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजयुमो
शर्तों की पूरी जानकारी ली जाएगी
शहर साफ-सुथरा रहे इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे है। घर घर कचरा संग्रहण से शहर और साफ-सुथरा रहेगा। सड़कों पर कचरा नहीं रहेगा। यूजर चार्ज राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार ही लिया जा सकता है। निविदा प्रपत्र की शर्तो की पूरी जानकारी ली जाएगी।
नारायण चोपड़ा, महापौर, नगर निगम बीकानेर।
तानाशाही निर्णय
सदन में प्रस्ताव को रखे बिना व पार्षदों की राय जाने बिना टेण्डर जारी करना महापौर और निगम प्रशासन के तानाशाही रवैये को प्रकट करता है। कचरा संग्रहण के नाम पर आमजन के साथ खुली लूट नहीं होने दी जाएगी। जिस प्रकार से इस कार्य को करवाने का प्रयास किया जा रहा है, उससे चहेतों को लाभ देने व जनता को ठगने की मंशा सामने आ रही है। शहर वासियों को शुल्क नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी शर्मनाक है।
जावेद पडि़हार, नेता प्रतिपक्ष, नगर निगम, बीकानेर।
Published on:
04 Dec 2017 09:24 am
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
