
आयकर विभाग के नोटिस की अनदेखी करदाताओं को भारी पड़ सकती है। नोटिस की अनदेखी करने वाले करदाताओं के खिलाफ विभाग ने मुहिम छेड़ी है। विभाग ने करीब तीन सौ करोड़ रुपए के राजस्व वसूली के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया है। ये टीमें २४ घंटे काम करेंगी। दिन में सर्वे और रात को जब्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
पड़ताल कर आगे की कार्रवाई
तीन माह तक चलने वाले इस रिकवरी सर्वे में बीकानेर सहित आसपास के आयकर अधिकारियों को टीम में शामिल किया गया है। विभाग ने गुरुवार को बीकानेर, नोखा तथा श्रीगंगानगर में एक साथ दस ठिकानों पर सर्वे कर महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए, जिनकी पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेनामी संपत्ति पर चला था अभियान, अब रिकवरी सर्वे पर फोकस
रिकवरी सर्वे से पहले आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के खिलाफ अभियान चलाया था। अधिकारियों ने अकेले बीकानेर में करीब एक हजार बीघा जमीनों को बेनामी संपत्ति मानते हुए उन्हें अटैच करने की कार्रवाई की थी। उसी तर्ज पर अब रिकवरी सर्वे पर अधिकारियों का फोकस रहेगा।
बताया जाता है कि रिकवरी सर्वे में निजी चिकित्सालयों, आढ़त कारोबारियों, प्रॉपर्टी डीलरों, ठेकेदारों, चिकित्सकों, थोक व्यापारियों सहित सैंकड़ों एेसे लोगों पर नजरें टिकी हुई हैं, जिन्होंने अपनी आय से बहुत कम रिटर्न दाखिल किया था।
बेंगलूरु से मिली सूचनाएं
विभाग को करोड़ों रुपए के लेन-देन और बकाया रिटर्न सहित विभिन्न महत्वपूर्ण सूचनाएं इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट सेन्ट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेन्टर, बेंगलूरु से मिली हैं, जिनके आधार पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के दौरान हुए करोड़ों रुपए के लेन-देन और जमीनों की खरीद-फरोख्त के हजारों प्रकरण विभाग की जानकारी में आए हैं। साथ ही रिटर्न जमा करवाने में देरी, आय से कम रिटर्न दाखिल करवाने, अपनी संपत्ति को रिटर्न में छिपाने सहित कई महत्वपूर्ण गोपनीय जानकारी प्रोसेसिंग सेन्टर से मिली है।
Published on:
06 Jan 2018 09:07 am
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