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शोध, नवाचार और अकादमिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा, छात्रों के लिए खुलेंगी नई संभावनाएं

आयुर्वेद और टेक्नोलॉजी का संगम: दोनों विश्वविद्यालयों में एमओयू

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एमओयू के दौरान उपस्थित कुलगुरु।

एमओयू के दौरान उपस्थित कुलगुरु।

स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार के समन्वय की दिशा में अहम पहल करते हुए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (बीटीयू) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य आयुर्वेद, तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करना है। एमओयू पर आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल और बीटीयू के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने हस्ताक्षर किए। दोनों संस्थानों ने इस सहयोग को दीर्घकालिक और परिणामोन्मुख बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
संयुक्त शोध से लेकर फैकल्टी-स्टूडेंट एक्सचेंज तक सहयोग

समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय शिक्षण एवं शोध से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, पाठ्यक्रम विकास, अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम, फैकल्टी और विद्यार्थियों का आदान-प्रदान तथा शैक्षणिक संसाधनों के साझा उपयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे।

अकादमिक और शोध सहयोग का मजबूत मंच बनेगा’
बीटीयू के कुलगुरु प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने कहा कि यह एमओयू दोनों संस्थानों के लिए अकादमिक और शोध सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इससे तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों को आयुर्वेद और स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार का समन्वय जरूरी आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य विज्ञान और तकनीकी नवाचार का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इस साझेदारी से शोधकर्ताओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों को संयुक्त अनुसंधान, नई तकनीकों के विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान के बेहतर अवसर मिलेंगे।

ये रहे मौजूद
एमओयू समारोह में डॉ. गणेश प्रजापत, डॉ. रितु राज सोनी, डॉ. राणुलाल चौहान, प्रो. चंदन सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।