
छुट्टियों में सैर-सपाटे पर जाने की योजना बना रहे लोगों के सामने ट्रेन में आरक्षण पाना मुश्किल हो गया है। बीकानेर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में इन दिनों प्रतीक्षा सूची सौ से अधिक चल रही है। नियमित चलने वाली ट्रेनों में अभी तक अतिरिक्त कोच नहीं लगाए गए हैं। ना ही अतिरिक्त स्पेशल ट्रेने शुरू हुई है। अप्रेल बीतने के बाद भी समर स्पेशल ट्रेनें शुरू नहीं हुई। गर्मी की छुट्टियों के लिए रेलवे स्पेशल ट्रेनें शुरू करता है, मगर इस बार अभी तक इस तरह की घोषणा नहीं हुई।
इनमें मारामारी
बीकानेर से चलने वाली रणकपुर एक्सप्रेस, बीकानेर-हावड़ा, बीकानेर-हरिद्वार, दादर, दिल्ली, चैन्नई, सिकंदराबाद जाने वाली ट्रेनों की सामान्य प्रतीक्षा सूची लंबी होती जा रहा है। बीकानेर से बांद्रा जाने वाली रणकपुर एक्सप्रेस में 4 से 9 मई तक प्रतीक्षा सूची चल रही है।
इसमें स्लीपर श्रेणी की शुक्रवार को 217 है, इसकी सामान्य प्रतीक्षा सूची (जीएनडब्लूएल) तो 387 पहुंच गई है। इसी तरह आगामी दिनों की सामान्य प्रतीक्षा सूची 200 से पार है। इसी तरह हावड़ा ट्रेन में स्लीपर श्रेणी की सामान्य प्रतीक्षा सूची 100 से पार है। कमोबेश यही स्थिति सिकंदराबाद, दिल्ली, हरिद्वार सहित कई ट्रेनों की है।
स्पेशल ट्रेन से राहत
छुट्टियों में समर स्पेशल ट्रेनें यात्रियों को राहत दिला सकती है। बीकानेर से बीते साल सिकंदराबाद के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई थी, जो वाया जयपुर होकर जाती थी। इसी तरह बांद्रा के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई गई थी, जो जोधपुर व अहमदाबाद होते हुए चलती थी। इसके अलावा पूर्व में बीकानेर से वलासाड, पठानकोट, बण्ठिडा से साबरमती के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थी। यह ट्रेनें छुट्टियों में संचालित करने से लोगों को राहत मिल सकती है।
फेरे बढ़ाने की मांग
वर्तमान में बीकानेर से हरिद्वार के बीच में साप्ताहिक ट्रेन चल रही है। इस ट्रेन को सप्ताह में दो बार चलाई जाने की मांग उठती रही है। इसके साथ ही बीकानेर से टाटा नगर, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को बीकानेर तक विस्तारित की जानी योजना है। लेकिन अभी तक ना ही तो बीकानेर से टाटा नगर के बीच ट्रेन चली, ना ही विस्तार हुआ।
समय पर चलेगी तभी मिलेगा फायदा
जागरुक नागरिकों का कहना है कि छुट्टियों से पहले ही स्पेशल ट्रेनें चलाई जानी चाहिए। सीनियर सिटीजन फोरम के विनोद भटनागर, जेडआरयूसीसी सदस्य सुनील झंवर सहित जागरुक नागरिकों का कहना है कि कई ट्रेनें ऐसी है जिनमें अतिरिक्त कोच लगाने मात्र से ही यात्रियों को राहत मिल सकती है।
प्रस्ताव भेजे
यात्रियों की भीड़ को देखते हुए समय-समय पर स्पेशल ट्रेनें चलाते हैं। अतिरिक्त कोच लगाते हैं, वर्तमान में प्रस्ताव भेज रखे हैं, मुख्यालय से स्पेशल ट्रेनों का निर्णय होता है।
अभय शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक, बीकानेर
Published on:
4 May 2018, 7:27 AM IST
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