
बीकानेर। यह अस्पताल नहीं शमशान घाट है। सड़क हादसे में घायलों को समय पर इलाज नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने कुछ ऐसा ही दर्द बयां किया। लोगों में आक्रोश इतना कि अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए और सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। बीकानेर स्टेट हाइवे पर तेज रफ्तार ट्रक और वीडियो कोच बस में भिड़ंत हो गई। इस हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही सांसे थम गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस व राहगीरों की मदद से घायलों को कस्बे के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। लेकिन चिकित्सक नहीं होने से लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। इसके बाद अस्पताल के बाहर लोगों ने जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि 4-5 घायलों को घटना स्थल से सीधे बीकानेर ले जाया गया। इनमें से अधिकांश को रैफर कर दिया गया तथा मामूली घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। दरअसल, सरदार शहर. भोजूसर उपाध्यान कुंडिया के पास शनिवार रात भीषण सड़क हादसे में ट्रक चालक काल का ग्रास बन गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस अनियंत्रित होकर पलट गई।
समय पर इलाज नहीं करने का आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि घायलों को कस्बे के राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां पर चिकित्सक नहीं होने से गुस्साई भीड़ ने हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप है कि एक घण्टे तक चिकित्सक नहीं आने से खून में लथपथ घायल तड़पते रहे। इसके बाद पहुंचे चिकित्साकर्मियों ने प्राथमिक उपचार किया। लोगों ने बताया कि 210 गांवों के मुख्य चिकित्सालयों की हालत ऐसी है कि यहां पर सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है, जो भी मरीज आते हैं उनको प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर रैफर कर दिया जाता है। इनमें से अधिकांश तो रास्ते में ही दम तौड़ देते हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है।
हादसे में ये हुए घायल
इस हादसे में बन्धनाऊं निवासी ट्रक चालक शिशराम जाट की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बीकानेर निवासी भंवरनाथ, रामदेव स्वामी, तारानगर निवासी बाबू खां, उसकी पत्नी सविना, उसकी बेटी रूबिना, जुगलकिशोर, मोहम्मद अली, सरदारशहर के नानू कादरी, मोहम्मद अली, पिलानी के ओमप्रकाश खटीक घायल हो गए।
Published on:
24 Jun 2018 07:09 pm
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