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जर्जर आशियाने, हर समय हादसे की आशंका

क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों में रह रहे लोगबंद मकानों से पडौसी आशंकित
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बीकानेर

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Vimal Changani

•

Updated: 28 Jun 2021, 7:01 PM IST

जर्जर आशियाने, हर समय हादसे की आशंका

जर्जर आशियाने, हर समय हादसे की आशंका

बीकानेर. मानसून शुरू होते ही शहर में क्षतिग्रस्त और जर्जर मकानों से हर समय हादसे की आशंका बनी हुई है। भारी बारिश के दौरान ये जर्जर मकान कभी भी हादसे का कारण बन सकते है। पुराने शहर के विभिन्न मोहल्लों से गलियों तक में मकान और हवेलियां क्षतिग्रस्त व जर्जर स्थिति में पहुंची हुई है। कई मकानों और हवेलियों में परिवार रह रहे है। जबकि कई मकान व हवेलिया वर्षो से बंद पड़े है।

इनके मालिक बीकानेर से बाहर रह रहे है। समय रहते अगर ऐसे मकानों की सुध नहीं ली जाती है तो कभी भी हादसा हो सकता है और जान-माल का नुकसान हो सकता है। बताया जा रहा है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पांच दर्जन से अधिक ऐसे मकान, दीवारें, हवेलिया, पिरोल बताई जा रही है जो क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में है, जो कभी भी गिर सकती है।

दशको पुराने है मकान
शहर के कई गली-मोहल्लों में दशकों पुराने मकान, हवेलिया, पिरोल आदि है। रख-रखा और मरम्मत के अभाव में इनमें से कई वर्तमान में क्षतिग्रस्त हो चुके है और जर्जर स्थिति में पहुंच चुके है। कई मकानों और हवेलियों और पुराने निर्माण स्थलों के मकान मालिक वर्षो से बीकानेर से बाहर रह रहे है। ऐसे में सार संभाल नहीं होने से अब खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके है। कई पुराने मकानों के कुछ हिस्से जर्जर होकर गिर भी चुके है। कुछ हिस्से अब गिरने की स्थिति में है। अब इनको समय रहते हटाना आवश्यक हो गया है।

नोटिस देकर इतिश्री
हर साल मानसून से पहले नगर निगम क्षतिग्रस्त और जर्जर भवनों, मकानों, हवेलियों आदि का सर्वे कर नोटिस भी जारी करता है। जिन मकानों के मालिक बीकानेर से बाहर रहते है उन तक नोटिस पहुंच भी नहीं पाते है। जर्जर स्थिति में पहुंच चुके मकानों, दीवारों को नहीं हटाने के कारण ये खतरनाक बने हुए है। इस बार भी निगम की ओर से जर्जर और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करवाया गया है। नोटिस जारी करने की भी तैयारी चल रही है।

इन क्षेत्रों में जर्जर आशियाने
नगर निगम की ओर से हाल ही में करवाए गए सर्वे में कई क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त और जर्जर स्थिति में पहुंच चुके मकानों की स्थिति सामने आई है। इनमें बड़ा बाजार, बैदो की पिरोल, नाहटा चौक, बांठिया चौक, मीणा चौक, चौंखूटी फाटक के पास, पुगलिया गली, दम्माणी चौक, कीकाणी व्यास चौक, तेलीवाड़ा रघुनाथ मंदिर के पास, छोटा राणीसर बास नायक बस्ती क्षेत्र, डार मोहल्ला, प्रकाश चित्र के पास, दाऊजी मंदिर रोड, रामपुरिया कॉलेज के पास, कोटगेट, जोशीवाड़ा, मोहल्ला चूनगरान, भक्तों की गली, कुम्हारों का मोहल्ला, मोहता चौक,दादी माता मंदिर के पास, बाहेती स्कूल के पीछे, दफ्तरी चौक, बैदो का चौक नाईयों की पिरोल, हमालो की बारी, चाय पट्टी सहित कई क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त और जर्जर मकान है जो कभी हादसे का कारण बन सकते है।