सात हजार मास्क बना प्रदेश की जेलों में भेजे
बीकानेर। प्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए बीकानेर केन्द्रीय कारागार में हाइपोक्लोराइड का छिड़काव कराया जा रहा है। जेल में बंदियों की ओर से अब तक सात हजार मास्क बनाए जा चुके हैं, जिनमें प्रदेश की विभिन्न जेलों में भेजा गया है। जेल में बंदियों और कार्मिकों के उपयोग के लिए सेनेटाइजर भी बनवाया जा रहा है।
जेल अधीक्षक परमजीतसिंह सिद्धू ने बताया कि जेल में तीन बंदियों को सर्दी, जुकाम व खांसी के चलते पीबीएम अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया, जिनकी कोरोना की रिपोर्ट कराई जो नेगेटिव आई है। कोरोना के खतरे को देखते हुए बुधवार को जेल की बैरकों, कार्यालय एवं परिसर में हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है। जिस बैरक में हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया जाता है तब उसमें रहने वाले बंदियों को दूसरे बैरक में शिफ्ट करते हैं। शिफ्टिंग के दौरान निगरानी के लिए आरएसी, जेल प्रहरी व अधिकारी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। जेल में बंदियों से अब तक ७००० मास्क बनवाए जा चुके हैं। हनुमानगढ़, नागौर, जयपुर सहित प्रदेश की कई जेलों में मास्क भेजे जा चुके हैं। २५०० मास्क बुधवार को जोधपुर जेल भेजे गए हैं।
वॉसवेशन लगाए, टंकियां रखवाई
जेल में बंदियों और कार्मिकों के हाथ धोने और संक्रमण से मुक्त करने के लिए आठ जगह पर वॉसवेशन लगाए गए हैं। आठ पानी की टंकियां रखवाई गई है। केन्द्रीय कारागार के मुख्यद्वार पर पानी की टंकी ओर वॉसवेशन लगवाया गया है। यहां डीटोल, साबुन व सेनेटाइजर रखा गया है। जेल में प्रवेश वाले हर कर्मचारी व बंदी को हाथ धुलवाकर ही प्रवेश कराया जा रहा है।
हर दिन बंदियों की जांच
जेल की अस्पताल में हर दिन १५० से २०० बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। दो चिकित्सक व नर्सिंगकर्मी लगे हुए हैं। जेल में आइसोलेशन की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है। जेल में मौसमी बीमारियों को देखते हुए दवा की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।