
श्रीराम कथा: दूर-दराज से हजारों की तादाद में पहुंच रहे श्रोता
नोखा . मूलवास-सीलवा में गोसेवी पदमाराम कुलरिया परिवार की ओर से पदम पैलैस में चल रही श्रीराम कथा में बुधवार को कथा व्यास संत मुरलीधर महाराज ने श्रीराम के गुरूकुल में अध्ययन, अहिल्या उद्धार, गुरु विश्वामित्र के साथ आश्रम गमन व शिक्षा प्राप्त करने, श्रीराम द्वारा असुर सेना के साथ ताड़का का वध का वृतांत सुनाया। संत मुरलीधर ने विश्वामित्र के द्वारा भगवान राम और लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा हेतु ले जाने के लिए अयोध्या आने का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जैसे ही विश्वामित्र ने राजा दशरथ से राम और लक्ष्मण की मांग की, तो राजा दशरथ बोले.. हे मुनि..आपको मांगते समय ध्यान रखना चाहिए। आप मांगे तो आपको मैं भूमि, धन, गाय, मेरा पूरा साम्राज्य और यहां तक कि मेरे प्राण भी आपको दे सकता हूं। लेकिन राम को नहीं दे सकता। परंतु विश्वामित्र ने भी यही दोहराया कि मुझे इनमें से कुछ नहीं चाहिए। मुझे केवल राम चाहिए। इस दौरान समधुर गाया गया भजन अनमोल तेरा जीवन यूं ही जा रहा...भज ले राम-राम-राम...सुनकर श्रोतागण भाव-विभोर होकर झूमने लगे।
बच्चों का नामकरण मर्जी से ना हो
संत मुरलीधर महाराज ने मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम सहित चारों भाईयों के नामकरण प्रसंग में कहा कि आजकल लोग बच्चों के नाम अपनी मर्जी से रखने लगे हैं। ब्राह्मणों या संतों द्वारा नक्षत्र अनुसार बताए गए नाम पर बच्चों का नामाकरण नहीं करते हैं। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे बच्चे के जीवन में परेशानियां आती है।
'मनुष्य जीवन श्रेष्ठÓ
श्रीराम कथा के दौरान संत समागम में बाड़मेर से पहुंचे मंहत प्रताप पुरी ने कहा कि 84 लाख योनियों में मनुष्य योनी सर्वश्रेष्ठ है। अच्छे कर्मों से ही मनुष्य जीवन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जहां साधना होती है, वह तपोभूमि बन जाती है। गोसेवी पदमाराम कुलरिया की इस पावन धरा पर श्रीराम कथा के भव्य आयोजन से यह भूमि भी पवित्र हो गई है।
इन्होंने किया पूजन
बुधवार को कथा प्रारम्भ से पूर्व मुख्य यजमान गोसेवी पदमाराम कुलरिया, उगमाराम, देवकिसन, मघाराम, भंवर कुलरिया, कानाराम-शंकर-धर्म कुलरिया, सुरेश, नरेश, पुखराज, पंकज, मोहनलाल, मोटाराम, मूलाराम, पुष्पा, लक्ष्मी व मुन्नी आदि के साथ कुलरिया परिवार के अन्य सदस्यों ने रामचरित मानस का पूजन किया।
अतिथियों का भी किया सम्मान
श्रीराम कथा में नेपाल काठमांडू से आए ओमप्रकाश जोशी, बाबूलाल लाहोटी संस्कार स्कूल नोखा, ईश्वरराम, पूनम जांगिड़, ओमजी, रामचंद्र जांगिड़, शोभा सुथार, मुकेश जांगिड़, चांदरतन, मांगीलाल माकड़, धन्नाराम बीदासर, रामकरण आसदेव, ओमप्रकाश, शंकरलाल, राधाकिसन, सुशील, किशनलाल धामु, राकेश जांगिड़ तारानगर, रमेश जांगिड़ सहित दूर दराज से आए अतिथियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर काठमांडू ब्राह्मण समाज के ओमप्रकाश जोशी ने गोसेवी पदमाराम कुलरिया का सम्मान करते हुए पशुपतिनाथ मंदिर का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। मंच संचालन जोधपुर के चंदनसिंह राजपुरोहित ने किया।
हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद
श्रीराम कथा के दौरान बीकानेर, नागौर, जोधुपर, चूरू सहित अन्य जिलों के दूर-दराज के गांवों व ढाणियों से आए हजारों कथा प्रेमियों ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
Published on:
15 Nov 2018 09:22 am
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