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ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि 25 मई को दोपहर 2 बजकर 19 मिनट पर सूर्य रोहिणी नक्षत्र में आ जाएगा। यहां से नौ दिन तक रोहिणी तपनकाल शुरू हो जाएगा। इस दौरान सूर्य की तेज किरणें पृथ्वी पर गर्मी बढ़ा देंगी।
इसके बाद 8 जून को सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में आने से हवा चलनी शुरू हो जाएगी। 21 जून को सूर्य आद्र्रा नक्षत्र में आने से बारिश होने की संभावना रहेगी।
पृथ्वी के नजदीक सूर्य
श्रीमाली ने बताया कि तपनकाल के दौरान सूर्य की पूजा करके दान-पुण्य करना चाहिए। इन नौ दिनों में सूर्य पृथ्वी के नजदीक आता है और तीखी किरणें वातावरण को अत्यंत गर्म कर देती हैं। इससे पृथ्वी के सभी जीवों भीषण गर्मी का सामना करना पड़ता है।
लू के थपेड़ों ने झुलसाया
शहर में भीषण गर्मी का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। तेज गर्मी और गर्म हवा थपेड़ों से लोग बेहाल नजर आए। सूरज चढऩे के साथ ही गर्मी का असर दिखना शुरू हो गया और दोपहर होते-होते धरती तपना शुरू हो गई। लू के थपेड़ों से जनजीवन प्रभावित रहा। चिलचिलाती धूप में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लू के चलते शहरवासी मुंह पर हेलमेट, कपड़ा आदि लगाकर ही बाहर निकले। गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
लू के थपेड़ों से आमजन ही नहीं पशु-पक्षी भी विचलित हैं। भीषण गर्मी में पक्षियों को छांव के साथ पानी की तलाश भी रहती है। हालांकि पक्षी प्रेमियों और समाजसेवियों ने पालसिए लगवाए हैं, फिर भी तपती दोपहरी में प्यास बुझाने के लिए पानी की बूंद भी परिंदों के लिए अहम हो जाती है। तस्वीर में दिखाई दे रहे ये परिंदे मानों कह रहे होंं, 'ये प्यास है बड़ी...।
Published on:
25 May 2018 10:15 am
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