
सरकारी नौकरी छोड़कर तैयारी करने वाला सुनील बनेगा आरएएस
पहली से दसवीं तक सरकारी स्कूल में पढ़ाई, आठ से दस घंटे पढ़कर पूरा किया सपना
बीकानेर.
किसी ने ठीक ही कहा है 'कामयाबी के दरवाजे उन्हीं के लिए खुलते हैं जो उन्हें खटखटाने की ताकत रखते हैं। पलाना के सुनील सियाग ने भी कुछ ऐसा ही किया, कि कामयाबी आज उनके कदम चूम रही है।
आरएएस की तैयारी के लिए जब उनकी सरकारी नौकरी आड़े आने लगी तो उन्होंने बिना सोचे उसे छोड़ दिया। करीब पांच-छह साल तक जमकर पढ़ाई करने वाले सुनील सियाग की आरएएस में २८वीं रेंक बनी है। वर्ष २०१८ से वह जयपुर स्थित उद्योग विभाग में बतौर प्रसार अधिकारी के पद पर कार्यरत है। सुनील ने राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कहा कि स्नातक करने से पूर्व उन्होंने ठान लिया था कि उन्हें आरएएस बनाना है।
इसलिए छोडऩी पड़ी नौकरी
सुनील सियाग ने बताया कि वह 2012 में तृतीय श्रेणी अध्यापक के पद पर कार्यरत थे। सियाग ने बताया कि स्कूल में बच्चों को पढ़ाना और आरएएस की तैयारी का सामंजस्य बैठ नहीं रहा था। उन्हें लगा कि पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया तो विद्यार्थियों को अनदेखा करना पड़ेगा, जो वह नहीं चाहते थे।
ऐसे में उन्होंने तृतीय श्रेणी अध्यापक की नौकरी को छोडऩा ही उचित समझा। पहली से दसवीं तक गांव की सरकारी स्कूल में पढऩे वाले सुनील के पिता गोपालराम सियाग किसान तथा माता कमल देवी गृहणी हैं। सुनील ने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई-बहनों और पत्नी को दिया है।
Published on:
15 Jul 2021 08:55 pm
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