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Teachers Conclave : शिक्षकों के मंच से उठी कौन सी मांग कि दुविधा में पड़ गई कांग्रेस-भाजपा

वक्ता पूरे पांच साल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के मुद्दे को लटकाए रखने से ज्यादा असहज थे। लिहाजा, यह स्थिति उन्हें उतना परेशान नहीं कर रही थी। कई वक्ताओं ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया था, लिहाजा इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, तो सम्मेलन स्थल करतल ध्वनि से गूंज उठा।

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Teachers Conclave : शिक्षकों के मंच से उठी कौन सी मांग कि दुविधा में पड़ गई कांग्रेस-भाजपा

Teachers Conclave : शिक्षकों के मंच से उठी कौन सी मांग कि दुविधा में पड़ गई कांग्रेस-भाजपा

बीकानेर. समय दोपहर 12 बजे। स्थान शुभम गार्डन। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय का दो दिवसीय अधिवेशन शुरू हुआ। आचार संहिता के चलते सम्मेलन में किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया। इस वजह से मंच पर संगठन के पदाधिकारी ही बैठे। सामने संगठन से जुड़े शिक्षक और बहुत ही कम संख्या में शिक्षिकाएं बैठी दिखीं। गर्मी के बीच कूलर को बार-बार ठीक करते शिक्षक और सामने ही बैग वितरण से मच रही अफरा-तफरी मंच से भाषण दे रहे वक्ताओं को असहज कर रही थी। वक्ता पूरे पांच साल तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के मुद्दे को लटकाए रखने से ज्यादा असहज थे। लिहाजा, यह स्थिति उन्हें उतना परेशान नहीं कर रही थी। कई वक्ताओं ने इस मसले को प्रमुखता से उठाया था, लिहाजा इसे चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, तो सम्मेलन स्थल करतल ध्वनि से गूंज उठा।

चेहरों पर झलकी टीस

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की टीस सभी के चेहरे पर स्पष्ट झलक रही थी। आपस में बतिया रहे शिक्षक तबादले नहीं खुलने पर क्षुब्ध दिखे। मंच पर भाषण देने के लिए आ रहे वक्ता भी कहानियों से अपनी बात शुरू करते और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे थे। मंच संचालन कर रहे शिक्षक नरेन्द्र आचार्य ने शिक्षकों से सामूहिक फोटो का आग्रह किया, तो छितराए लोग एक साथ आ जुटे।

महारानी स्कूल में यूं चला सम्मेलन

समय दोपहर डेढ़ बजे और स्थान राजकीय महारानी बालिका सीनियर स्कूल। यहां पर राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत का सम्मेलन हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी सुरेन्द्रसिंह भाटी दोनों ही सम्मेलनों में मौजूद रहे। शिक्षा के नवाचारों के साथ-साथ तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण का मुद्दा यहां भी छाया रहा।

कइयों ने मना लिया दाे दिन का अवकाश

दो दिनों के शिक्षक सम्मेलनों में शिक्षण व्यवस्था को सुधारने पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन शिक्षकों ने मानों इसे दो दिनों की छुट्टी का मौका मान लिया। महिला शिक्षक विमलेश व्यास हालात से क्षुब्ध दिखीं। कहा कि अगर शिक्षक ही सम्मेलनों से दूर रहे, तो इन सम्मेलनों का कोई औचित्य नहीं है।इसके अलावा राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ का सम्मेलन सादुल स्कूल में प्रारंभ हुआ। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार बोड़ा थे। विशिष्ट अतिथि लालचंद हटीला एवं बाबूलाल वर्मा, जिला अध्यक्ष मनजीत मेहरड़ा आदि मौजूद रहे।

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