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कोरोना काल में गूंजी शहनाईयां पर पंजीयन हुए कम

नगर निगम : गत साल की अपेक्षा इस बार विवाह पंजीयन का आंकड़ा रहा कमइस साल जुलाई, सितम्बर व अक्टूबर में पिछले साल की अपेक्षा अधिक हुए विवाह पंजीयन

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कोरोना काल में गूंजी शहनाईयां पर पंजीयन हुए कम

कोरोना काल में गूंजी शहनाईयां पर पंजीयन हुए कम

बीकानेर. इस साल कोरोना का असर आमजन पर रहा। पहले लॉक डाउन और बाद में कोरोना काल ने आमजन को प्रभावित किया। कोरोना के कारण व्यापार, उद्योग पर्यटन सहित हर क्षेत्र प्रभावित रहा। शादी-विवाह के आयोजन भी इससे अछूते नहीं रहे। लॉक डाउन और कोरोना काल में भी शहनाईयां गूंजी। शादी विवाह के आयोजन हुए। लेकिन नगर निगम में विवाह पंजीयन करवाने का आंकड़ा बीते साल की अपेक्षा इस साल कम दर्ज हुआ। नगर निगम के आंकड़ो के अनुसार वर्ष 2019 में जहां 3016 दम्पतियों ने अपना विवाह पंजीयन निगम में करवाया, वहीं इस साल यह आंकड़ा 2680 रहा है। बीते साल की अपेक्षा इस साल यह आंकड़ा 336 कम रहा है। कोरोना के बावजूद मार्च के बाद इस साल जुलाई, सितम्बर और अक्टूबर में पिछले साल की अपेक्षा विवाह पंजीयन करवाने का आंकड़ा अधिक रहा।


जुलाई, सितम्बर व अक्टूबर में गत वर्ष से अधिक
कोरोना काल के बावजूद इस वर्ष साल के तीन महीनों में विवाह पंजीयन करवाने का आंकड़ा बीते साल से अधिक रहा। जुलाई में इस साल जहां 341 दम्पतियों ने विवाह पंजीयन करवाया वहीं गत वर्ष यह आंकडा 319 था। सितम्बर में इस साल 327 दम्पतियों ने निगम से विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र प्राप्त किए। जबकि बीते साल इसी माह में 222 प्रमाण पत्र जारी हुए। 282 दम्पतियों ने इस साल अक्टूबर के महीनें में अपने विवाह को निगम में पंजीकृत करवाया। जबकि वर्ष 2019 में इसी माह में 213 दम्पतियों ने अपनी शादियां पंजीकृत करवाई।

लॉक डाउन का असर
अप्रेल और मई में प्रमाण पत्र जारी करने का आंकडा 20 की संख्या को भी छू नहीं पाया। अप्रेल में जहां 11 दम्पतियों ने विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनवाए। वहीं मई में यह संख्या 16 रही।

कोरोना काल में भी गूंजी शहनाईयां
नगर निगम की ओर से जारी किए गए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्रों के आंकड़ों पर नजर डाले तो इस साल कोरोना काल में भी बीकानेर में शहनाईयां गूंजी और शादी विवाह के आयोजन गत वर्ष की अपेक्षा ही हुए। इस साल अप्रेल से 29 दिसम्बर तक 1800 से अधिक विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र निगम की ओर से जारी किए गए है। हालांकि इस अवधि में हुए शादी विवाह के आयोजनों का आंकड़ा इससे अधिक है, लेकिन कई दम्पतियों ने अब तक विवाह पंजीयन नहीं करवाए है।