
Bikaner News: सनातन धर्म में श्राद्ध पक्ष का विशेष महत्व है। श्राद्ध पखवाड़े के दौरान दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए लोग तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध और दान-पुण्य करते हैं। इस दौरान घर परिवार के सदस्यों के लिए भोजन की व्यवस्था की भी परंपरा है। कभी श्राद्ध पखवाड़े के दौरान हर घर में श्राद्ध के दिन घरों पर ही मिठाइयां, भोजन तैयार होते थे। अब श्राद्ध भोजन पर भी रेडिमेड का रंग चढ़ चुका है।
लोग पूर्वजों के श्राद्ध के दिन अब घरों पर मिठाइयां, भोजन बनवाने के बजाए बाजार से तैयार भोजन और मिठाइयां खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं। श्राद्ध पखवाडे़ को लेकर अनेक ऐसी दुकानों का संचालन प्रारंभ हो गया है, जो ऑर्डर पर रोटी, सब्जी, रायता, मिठाइयां, नमकीन इत्यादि तैयार कर रहे हैं।
रेडिमेड भोजन व्यवसाय से जुड़ी सोनिया जोशी व अंजना जोशी का कहना है कि श्राद्ध पक्ष के दौरान अगर परिवार के सदस्यों की संख्या कम है तो घर पर भोजन-मिठाइयां बनाना थोड़ा महंगा पड़ता है जबकि रेडिमेड भोजन सस्ता पड़ता है।
हलवाई, हैल्पर, मजदूर लेबर की दिहाड़ी तथा टैंट सामान, टैक्सी किराया इत्यादि भी लगते हैं। इतने में बाजार से रेडिमेड भोजन और मिठाइयां मिल जाती हैं इसलिए अब लोग तैयार भोजन व मिठाइयां लेना अधिक पसंद कर रहे हैं।
रेडिमेड भोजन व्यवसाय से जुड़े दुकानदारों का कहना है कि श्राद्ध पखवाड़े के लिए भोजन करने वाले व्यक्तियों की संख्या के अनुसार भोजन-मिठाइयां बनाने की बुकिंग हो रही है। लोग अपनी पसंद के अनुसार भोजन की वैरायटी तैयार करवा रहे हैं। रेडिमेड भोजन का एक लाभ यह भी है कि रोटी, सब्जी, मिठाइयां इत्यादि की जरूरत पड़ने पर तुरंत दुकान से उपलब्ध भी हो जाता है।
वरिष्ठ नागरिक ईश्वर महाराज छंगाणी का कहना है कि वर्षों पूर्व घरों पर ही श्राद्ध के दिन मिठाइयां, रोटी, सब्जी, पकौड़ी, कचौड़ी, दही बड़ा, रायता इत्यादि बनाने का चलन था। इसमें हलवाई के साथ घर परिवार के सदस्य भी जुटते थे।
पूरे दिन घर में भोजन, मिठाइयां बनाने और भोजन करने का क्रम चलता था। अब तो कुछेक स्थानों पर ही ऐसा दृश्य देखने को मिलता है। अब तैयार भोजन, मिठाइयां व नमकीन बाजार से खरीदने का अधिक चलन हो गया है।
श्राद्ध पखवाड़े में घर-घर मिठाइयां, नमकीन की मांग रहती है। रेडिमेड भोजन के लिए संबंधित दुकानों पर दिन रात काम चल रहा है। बुकिंग व कार्य की अधिकता के चलते हलवाइयों और हेल्पर की संख्या को भी बढ़ाया गया है।
करीब डेढ दर्जन स्थानों पर श्राद्ध पखवाड़े के लिए रेडिमेड सब्जी, रोटी, मिठाइयां, रायता, नमकीन, कचौड़ी इत्यादि को बनाने का कार्य चल रहा है। वहीं चार दर्जन से अधिक अस्थायी दुकानों का संचालन प्रारंभ हो गया है, जहां मिठाइयों की बिक्री चल रही है। इन दुकानों पर भी श्राद्ध पखवाड़े को लेकर मिठाइयों की बुकिंग की जा रही है।
श्राद्ध पखवाड़े के लिए लोग पूर्वजों के श्राद्ध दिन को लेकर भोजन, मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग करवा चुके हैं। इस व्यवसाय से जुड़े शुभम व ओम प्रकाश उपाध्याय बताते हैं कि 3 अक्टूबर तक चलने वाले श्राद्ध व नाना श्राद्ध को लेकर अग्रिम बुकिंग हो रही है। इनमें मिठाइयां, रोटी, सब्जियां, रायता, भुजिया, कचौड़ी, दही बड़ा इत्यादि शामिल हैं।
Updated on:
18 Sept 2024 04:03 pm
Published on:
18 Sept 2024 04:01 pm
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