
बीकानेर . पिछले १५ दिन में ११ जने आवारा पशुओं की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से दो की मौत हो चुकी है, लेकिन आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं का दौर रुका नहीं है। जानकारी के अनुसार लूणकरनसर निवासी महेन्द्र एवं सुनील मंगलवार रात को बाइक से घर जा रहे थे। तभी राजमार्ग पर बाइक के सामने अचानक आवारा पशु आ जाने से वे गिर गए। दोनों युवक गंभीर घायल हो गए। घायलों को देर रात को पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर भिजवाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
गोशाला में भेजे ९५० सांड
निराश्रित सांड को पकड़कर गाढ़वाला स्थित गौशाला में भेजने के बावजूद शहर में यह समस्या बरकरार है। निगम ने फरवरी-१८ से अब तक इस गौशाला में ९५० निराश्रित सांडों को भेजा है। एमओयू के अनुसार अब महज ५० सांड और यहां भेजे जा सकेंगे। निगम की ओर से यहां और सांड भेजने को लेकर प्रयास नजर नहीं आ रहे, जबकि शहरवासी निराश्रित पशुओं से आए दिन चोटिल होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि १३ मई को रामपुरा बस्ती में आवारा सांड की चपेट में आने से किशनाराम गंभीर घायल हो गए थे, जिनकी १९ मई को ट्रोमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। २१ मई को केसरदेसर जाटान गांव में आवारा सांड़ों के झगड़े में आशाराम सुथार की मौत हो गई।
शांतिभंग के आरोप में तीन गिरफ्तार
लूणकरनसर. पुलिस ने शांतिभंग करने के आरोप में तीन जनों को गिरफ्तार किया है। सीआई अशोक कुमार बिश्नोई ने बताया कि लूणकरनसर के वार्ड १५ निवासी दलीप बिश्नोई बुधवार को पटवार घर में शराब के नशे में पटवारी के साथ झगड़ा कर रहा था। रोझां के चक तीन डीएलडी निवासी चेनाराम नायक व मेघाराम नायक को भी अशांति फैलाने के के आरोप में गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों को उपखण्ड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
Published on:
31 May 2018 08:17 am

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