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साठ फीसदी वैक्सीनेशन, तो बनेंगे सौ फीसदी लाइसेंस

साठ फीसदी वैक्सीनेशन, तो बनेंगे सौ फीसदी लाइसेंस

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साठ फीसदी वैक्सीनेशन, तो बनेंगे सौ फीसदी लाइसेंस

साठ फीसदी वैक्सीनेशन, तो बनेंगे सौ फीसदी लाइसेंस

बीकानेर. नई गाइडलाइन के बाद अब परिवहन विभाग के अधिकारी लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल पचास फीसदी लाइसेंस ही बन रहे हैं। इस आंकड़े को सौ फीसदी करने के लिए सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारी मंथन करेंगे।
असल में नई गाइडलाइन के अनुसार अगर किसी विभाग के कार्मिकों का साठ फीसदी टीकाकरण हो चुका है तो संबंधित कार्यालय में सौ फीसदी कार्मिकों की उपस्थिति संभव हो सकेगी। ऐसे में परिवहन विभाग के अधिकारी सोमवार को इस संबंध में अपने कार्मिकों से टीकाकरण संबंधी जानकारी लेंगे। प्रादेशिक परिवहन विभाग के जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी, बल्कि लाइसेंस प्रक्रिया में भी व्यवधान आया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पचास फीसदी स्लॉट की बुकिंग हो रही है। अगर साठ फीसदी कार्मिकों ने टीके लगवा लिए हैं तो यह कार्य सौ फीसदी संभव हो सकेगा।
जिसके मास्क नहीं, उसका लाइसेंस नहीं
जिला परिवहन अधिकारी माथुर ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के अनुसार जब तक कोरोना संक्रमण पूरी तरह से समाप्त नहीं हो जाता तब तक मास्क पहनने की अनिवार्यता रहेगी। उन्होंने बताया कि कार्यालय में सौ फीसदी लाइसेंस बनने की स्थिति में मास्क और कोविड गाइडलाइन की अनदेखी करने वालों के लाइसेंस नहीं बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी कार्मिकों एवं अधिकारियों को पाबंद कर दिया है।


रोजाना बन सकेंगे १९० लाइसेंस
जिला परिवहन अधिकारी जुगल किशोर माथुर ने बताया कि वर्तमान में रोजाना ९५ लाइसेंस ही बन रहे हैं। जबकि कोरोना संक्रमणकाल से पहले
इनकी संख्या १९० प्रतिदिन थी। उन्होंने बताया कि कोविड गाइडलाइन की पालना को लेकर सोमवार को उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद इस संबंध में
निर्णय लिया जाएगा। माथुर ने बताया कि प्रतिदिन लाइसेंस के स्लॉट की संख्या बढऩे के बाद लाइसेंस बनाने के काम में गति आएगी।