
सरकार को ऐसे करोड़ों रुपए सालाना का चूना लगा रहे हैं ट्रक ड्राइवर
बीकानेर. पुलिस व परिवहन विभाग की नाक के नीचे सड़कों पर अवैध डीजल टैंक युक्त ट्रक-ट्रेलर दौड़ रह हैं। इन टैंकों में पंजाब व हरियाणा से सस्ता डीजल भरवाकर लाते हैं। ऐसे में जब कभी हादसा होता है, तो यही डीजल टैंक जानलेवा साबित होते हैं। दरअसल, सस्ते डीजल के लालच में ट्रक चालक कंपनी फिटेड टैंकों को निकाल कर अतिरिक्त टैंक लगवा रहे हैं। सीमावर्ती क्षेत्र और हाइवे पर पड़ताल में पता चला है कि करीब-करीब हर ट्रक में ही अतिरिक्त टंकी बनी थी, जिसमें डीजल भरा हुआ है।
राजस्व को ऐसे लग रही चोट
60 प्रतिशत ट्रकों ने यहां के पेट्रोल पंपों से डीजल भरवाना ही बंद कर दिया है। अतिरिक्त टंकियां भी इसलिए लगवाई जा रही हैं, ताकि बीकानेर से उन्हें ईंधन खरीदना ही न पड़े। परिवहन विभाग की मानें तो वे ऐसे नियम विरुद्ध चल रहे ट्रकों का चालान करते हैं, लेकिन कार्रवाई के आंकड़े कुछ और ही बयां करते हैं।
दरों में फर्क का असर
बीकानेर में पेट्रोल 111.71 और डीजल 96.64 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है। मोगा (पंजाब) में पेट्रोल 98.64 और डीजल 88.92 रुपए और हरियाणा में पेट्रोल 98.49 और डीजल 89.28 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।
यह है नियम
केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत अगर वाहन मालिक फ्यूल टैंक में गड़बड़ी करता है या वाहन में अधिक क्षमता वाले दो डीजल टैंक लगवाता है, तो यह नियमों का उल्लंघन है। फिटनेस के दौरान जांच अधिकारी को फ्यूल टैंक की भी गहनता से जांच करनी होती है। अतिरिक्त टैंक लगने पर पांच हजार रुपए जुर्माना भी निर्धारित है।
ऐसे समझें गणित...कम बिक्री, नुकसान अधिक
बीकानेर रेलवे स्टेशन के सामने िस्थत बंशीधर-जयदेव भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के संचालक जयदेव सिंह ने बताया कि डीजल की बिक्री जितनी कम होगी, सरकार को उतना ही राजस्व नुकसान होगा। वर्तमान में 1.20 लाख लीटर पेट्रोल और करीब 4 लाख लीटर डीजल पड़ोसी राज्यों से आ रहा है। ऐसे में रोजाना 2 करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान सरकार को हो रहा है। इसीलिए सरकार को डीजल-पेट्रोल पर वैट को पड़ोसी राज्यों के बराबर करना चाहिए। राजस्थान में वैट काफी अधिक है, जिससे ट्रक चालक पड़ोसी राज्यों पंजाब-हरियाणा से अवैध रूप से डीजल लेकर आते हैं।
चिंताजनक इसलिए भी...
बीकानेर-श्रीगंगानगर राजमार्ग पर बामनवाली के पास दो ट्रेलरों में आपस में भिड़ंत हो गई, जिसमें ट्रेलरों में आग लग गई। दोनों चालकों की आग में झुलसने से मौत हो गई। बाद में पता चला कि इन ट्रेलर के अगले हिस्से में डीजल स्टोरेज के लिए एक अतिरिक्त टैंक लगाया गया था। भीषण आग का कारण ट्रेलर के केबिन के पीछे और ट्रेलर के सामने के अतिरिक्त टैंक में विस्फोट हो गया।
अतिरिक्त टैंक की डिमांड बढ़ी, साढ़े तीन से 4 हजार में होता है फिट
श्रीगंगानगर रोड पर बैठे एक मिस्त्री ने बताया कि इन दिनों दूर-दराज से भी ट्रक उनसे अतिरिक्त टैंक लगवाकर ले जाते हैं। टंकियों की डिमांड अधिक है। 500 लीटर से लेकर 600 लीटर के टैंक लगते हैं। चालक अधिक क्षमता के दो टैंक लगवा लेते हैं। साढ़े तीन से चार हजार में टैंक फिट कर देते हैं।
दो हजार ट्रक रोज जाते तो हैं, पर डीजल नहीं खरीदते
बीकानेर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज बिश्नोई के मुताबिक बीकानेर जिले में तीन हजार से अधिक ट्रक और ट्रेलर रजिस्टर्ड हैं। वहीं, रोजाना करीब दो से ढाई हजार ट्रक बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ से होकर निकलते हैं। खास बात है कि यहां से डीजल खरीदने वालों की तादाद बेहद कम है।
... तो होती है 6 से 7 हजार रुपए की बचत
नियम के अनुसार, ट्रक में डीजल टैंक की क्षमता करीब 260-300 लीटर तक हाेती है। अतिरिक्त टैंक लगवाने से एक बार में ट्रक में करीब 1000 लीटर तक डीजल भरवाया जा सकता है। यानी, अगर ट्रक चालक बीकानेर से 1 हजार लीटर डीजल खरीदे, तो वर्तमान दर के हिसाब से उसे 96,640 रुपए देना पड़ेगा। वहीं अगर डीजल मोगा (पंजाब) से खरीदे, तो उसे 88,920 रुपए देने होंगे। यानी, 7720 रुपए की बचत होती है।
Published on:
02 Aug 2023 01:48 pm
बड़ी खबरें
View Allबीकानेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
