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17 महीने बाद सिनेमाघर में बैठकर देखी फिल्म

bikaner news - Watched the film after 17 months in the cinema hall
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बीकानेर

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Jaibhagwan Upadhyay

•

Updated: 20 Aug 2021, 7:54 PM IST

17 महीने बाद सिनेमाघर में बैठकर देखी फिल्म

17 महीने बाद सिनेमाघर में बैठकर देखी फिल्म

पचास फीसदी क्षमता के साथ खुले सिनेमाघर, पहले दिन बीस फीसदी दर्शक ही पहुंचे
बीकानेर.
17 महीने बाद शहर के दो सिनेमाघरों के बाहर एक बार फिर दर्शकों की चहल-पहल दिखी। पिछले वर्ष 14 मार्च को बंद हुए सिनेमाघर गुरुवार को पचास फीसदी दर्शकों की क्षमता के साथ फिर से खुल गए।

हालांकि पहले दिन सिनेमाघर संचालकों को पचास फीसदी दर्शकों की अनुमति के बावजूद बीस फीसदी दर्शकों से ही संतुष्टी करनी पड़ी। बीकानेर में अब दो सिनेमाघर ही रह गए हैं। सूरज टॉकीज में जहां 12 सौ दर्शकों के बैठने की क्षमता है, वहीं सिने मैजिक के भाग एक एवं दो में कुल दर्शकों की बैठक क्षमता करीब एक हजार है। सूरज टॉकीज के निदेशक रवि पारीक ने बताया कि पहले दिन दर्शकों को सिनेमाघरों के खुलने की सूचना नहीं थी, ऐसे में दर्शक बीस फीसदी ही पहुंचे। धीरे-धीरे दर्शकों की संख्या में इजाफा होगा।


सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
सूरज टॉकीज के निदेशक रवि पारीक ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक सिनेमाघर को पचास फीसदी दर्शकों के साथ ही खोलने की अनुमति मिली है। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजर, मास्क सहित अन्य कोविड सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिना मास्क किसी भी दर्शक को सिनेमाघर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पारीक ने बताया कि रोजाना तीन शो दर्शकों को दिखाए जाएंगे।


करोड़ों रुपए का नुकसान
लॉकडाउन अवधि में बंद हुए शहर के सिनेमाघर संचालकों को सिनेमाघरों के बंद रहने से करोड़ों रुपयों के नुकसान का सामना करना पड़ा था। सिनेमाघरों के बंद होने के बावजूद संचालकों को बिजली के बिल भरने पड़े थे, वहीं कार्मिकों को नियमित वेतन भी चुकाना पड़ा। सिनेमाघर संचालक रवि पारीक ने बताया कि लॉकडाउन अवधि में हुए नुकसान की भरपाई होना अब मुश्किल है, लेकिन राज्य सरकार को चाहिए कि वह दर्शकों के मनोरंजन के नाममात्र साधन रह चुके सिनेमाघरों को बचाए रखने के लिए अनुदान मुहैया करवाएं, ताकि इन्हें लम्बी अवधि के लिए चलाया जा सके। लॉकडाउन अवधि में संचालकों को करोड़ों रुपयों का नुकसान उठाना पड़ा था।