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शाबास बीकानेर…साल भर पहले 91 हजार बालिकाओं में कम था हीमोग्लोबिन, अब महज 324

गत वर्ष 28 जुलाई को जिलेभर के स्कूलों में ऐसे शिविर में 2 लाख 53 हजार 633 बालिकाओं के हीमोग्लोबीन की जांच की गई। इस दौरान 7 से 10 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली माॅडरेट श्रेणी में 91 हजार 79 किशोरी बालिकाएं पाई गई। यह कुल किशोरी बालिकाओं का 36 प्रतिशत से अधिक था।

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शाबास बीकानेर...साल भर पहले 91 हजार बालिकाओं में कम था हीमोग्लोबिन, अब महज 324

शाबास बीकानेर...साल भर पहले 91 हजार बालिकाओं में कम था हीमोग्लोबिन, अब महज 324

बीकानेर. जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल की पहल पर लगातार दूसरे साल स्कूल और काॅलेज की छात्राओं के हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है। मिशन अगेंस्ट एनिमिया के इस चरण की शुरुआत 18 जुलाई को हुई। मेडिकल टीमों ने रोजाना शैक्षणिक संस्थानों में शिविर लगाकर जांच की है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजकीय महारानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा महारानी किशोरी देवी सीनियर सैकण्डरी स्कूल में शिविर लगाए। जिला कलक्टर ने खुद इनका निरीक्षण किया। टीम की शानदार कोशिशों और बालिकाओं की स्वास्थ्य के प्रति लगन को देख कर जिला प्रशासन के अफसर भी काफी खुश दिखाई दे रहे हैं।

इस तरह सुधरने लगा ग्राफ

कलक्टर ने बताया कि गत वर्ष 28 जुलाई को जिलेभर के स्कूलों में ऐसे शिविर में 2 लाख 53 हजार 633 बालिकाओं के हीमोग्लोबीन की जांच की गई। इस दौरान 7 से 10 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली माॅडरेट श्रेणी में 91 हजार 79 किशोरी बालिकाएं पाई गई। यह कुल किशोरी बालिकाओं का 36 प्रतिशत से अधिक था। इन बालिकाओं की ट्रैकिंग ‘मां-मोबाइल ऐप’ के माध्यम से की गई। चिकित्सकीय परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध करवाई गई।

दूसरे चरण ने बढ़ाया उत्साह

दूसरे चरण में 24 और 25 जनवरी को माॅडरेट श्रेणी की 91 हजार से अधिक किशोरियों के खून की जांच दोबारा करवाई गई। दूसरी जांच में सिर्फ 8 हजार 379 किशोरी बालिकाएं मॉडरेट श्रेणी की पाई गई। अंतिम फेज में 17 जुलाई को माॅडरेट श्रेणी की किशोरियों के हीमोग्लोबिन की तीसरी बार जांच करवाई गई। इस बार सिर्फ 324 छात्राओं का ही हीमोग्लोबिन 7 से 10 ग्राम के बीच पाया गया है। इसे सकारात्मक परिणाम से टीमें उत्साहित हैं। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2022-23 में चले सघन अभियान की बदौलत 91 लाख गोलियां वितरित की गई।