7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

CG News: 109 संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर

CG News: बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत 109 संविदा कर्मचारी नियमितीकरण के मामले में विश्वविद्यालय को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है।

2 min read
Google source verification
CG News: 109 संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नए फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर

संविदा कर्मचारियों के लिए खुशखबरी (Photo AI Image)

CG News: छत्तीसगढ़ के संविदा कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर अहम फैसला लिया है, जिससे हजारों संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने वाला है। बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत 109 संविदा कर्मचारी नियमितीकरण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विश्वविद्यालय द्वारा दायर क्यूरेटिव पिटीशन को खारिज कर दिया है।

गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में कार्यरत 109 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ राज्य शासन के 5 मार्च 2008 के नियमितीकरण आदेश के आधार पर 26 अगस्त 2008 को नियमित किया गया था। इसके पश्चात 15 जनवरी 2009 को गुरु घासीदास विश्वविद्यालय केंद्रीय विश्वविद्यालय बना और सभी 109 कर्मचारी नियमित कर्मचारी के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय का हिस्सा बन गए।

नियमितीकरण आदेश के अनुपालन में कर्मचारियों ने कार्य प्रारंभ किया और 31 मार्च 2009 तक 8,209 रुपये वेतन प्राप्त किया। इसके बाद अचानक बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के उनका वेतन वापस ले लिया गया और अप्रैल 2009 से कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाने लगा। इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिट याचिकाएँ दायर कीं। इसी दौरान विश्वविद्यालय द्वारा 19 फरवरी 2010 के आदेश के माध्यम से कर्मचारियों के नियमितीकरण को पूर्व प्रभाव से रद्द कर दिया गया। इस आदेश को भी याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सिंगल बेंच ने 6 मार्च 2023 को महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए कहा कि 19 फरवरी 2010 का आदेश विधिसंगत नहीं है और इसे निरस्त किया जाता है। याचिकाकर्ता विश्वविद्यालय के नियमित कर्मचारी माने जाएंगे और उनका नियमितीकरण एक्ट 2009 की धारा 4(डी) के अंतर्गत सुरक्षित रहेगा। वे 26 अगस्त 2008 के आदेश के अनुसार सभी सेवा लाभ पाने के हकदार हैं।

इसके साथ ही सभी रिट याचिकाएँ स्वीकार कर ली गईं। सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय ने रिट अपीलें दायर कीं, जिन्हें 21 जून 2023 को माननीय खंडपीठ ने खारिज कर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (सिविल) दायर की, जिसे 15 मई 2024 को खारिज कर दिया गया।