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छत्तीसगढ़ का ये शहर दे रहा दिल्ली को संदेश, दिवाली के बाद प्रदूषण को लेकर दिल्ली में हाहाकार लेकिन यहां घट गया प्रदूषण

Air pollution after diwali: पर्यावरण के प्रति सजगता व जागरुकता का दिखा असर

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छत्तीसगढ़ का ये शहर दे रहा दिल्ली को संदेश, दिवाली के बाद प्रदूषण को लेकर दिल्ली में हाहाकार लेकिन यहां घट गया प्रदूषण

छत्तीसगढ़ का ये शहर दे रहा दिल्ली को संदेश, दिवाली के बाद प्रदूषण को लेकर दिल्ली में हाहाकार लेकिन यहां घट गया प्रदूषण

बिलासपुर. पर्यावरण के प्रति सजगता व आमजनों की जागरुकता के मिलेजुले असर से इस वर्ष ध्वनि व वायू प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष वायू प्रदूषण का स्तर 38 प्रतिशत था जो इस वर्ष दो प्रतिशत गिरकर 40 पर पहुंच गया। वहीं धवनि प्रदूषण में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

ये पिछले वर्ष के 23 प्रतिशत के मुकाबले 3 प्रतिशत गिरकर 26 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट द्वारा पटाखा चलाने को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों का व्यापक असर इस वर्ष भी देखने को मिला। आमजनों ने देश के सबसे बड़े कोर्ट के आदेश का परिपालन सही तरीके से किया और पर्यावरण की रक्षा में योगदान दिया। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने वायू एवं ध्वनि प्रदूषण मापने के लिए शहर के सत्यम चौक, पुराना बस स्टैंड, मुंगेली नाका, गोल बाजार, व्यापार विहार राजकिशोर नगर में प्रदूषण मापक यंत्र लगाए थे। इन मशीनों से प्रति घंटे ध्वनि एवं वायू प्रदूषण का रिकार्ड लिया गया।

शाम 6 से रात 12 बजे तक लिए गए आंकड़े से पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और जिला प्रशासन ने प्रदूषण को नियंत्रित करने की अपील लोगों से की थी।
एनजीटी ने चलाया नो पटाखा अभियान
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, हाईकोर्ट एवं राज्य शासन ने पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों से अपील कर पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए नो पटाखा अभियान चलाया है। आमजनों से इस कार्य में सहयोग की मांग की गई थी। साथ ही वायू एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी को लेकर स्कूली बच्चों से भी इस कार्य में सहयोग व नो पटाखा अभियान में शामिल होने को कहा गया था। इस अभियान में पर्यावरण संरक्षण मंडल ने भी जगह- जगह जन-जागरुकता अभियान चलाया। आम-जनता ने भी इस कार्य में सहयोग दिया, जिसका असर वायू प्रदूषण में 40 प्रतिशत व ध्वनि प्रदूषण में 26 प्रतिशत की कमी रही।
वायू प्रदूषण 90 माइक्रोन तो ध्वनि 115 डेसीबल
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस वर्ष सत्यम चौक, पुराना बस स्टैंड, मुंगोली नाका चौक, गोल बाजार, महाराणा प्रताप चौक समेत कुल 6 जगहों पर प्रदूषण मापक यंत्र लगाए थे। दीवाली के दिन वायू प्रदूषण की माप की गई तो स्तर 90.1 माइक्रोन प्रति घनमीटर व ध्वनि 115 डेसीबल दर्ज की गई।

ध्वनि एवं वायू प्रदूषण को नियंत्रित करने में सहयोग के लिए पर्यावरण संरक्षण मंडल सभी जनों को धन्यवाद देते हुए भविष्य में भी पर्यावरण की सजगता बनाए रखने की अपील करती है। इसे एक दिन का आयोजन ना बनाकर वर्ष भर सहयोग करें।
डा. एमपी मिश्रा, पर्यावरण संरक्षण मंडल, बिलासपुर