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जिले में आरटीई के तहत 4 हजार छात्रों को स्कूल आवंटित, 16 से 30 जून तक लेना होगा प्रवेश

जिले में आरटीई के तहत 523 निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। 5400 सीटों के लिए कुल 10 हजार 500 आवेदन आए। इनमें से प्रथम चरण में 4 हजार बच्चों को स्कूलों का आवंटन हो गया है।

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rte student news

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बिलासपुर। जिले में आरटीई के तहत 523 निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। 5400 सीटों के लिए कुल 10 हजार 500 आवेदन आए। इनमें से प्रथम चरण में 4 हजार बच्चों को स्कूलों का आवंटन हो गया है। ये 16 से 30 जून तक प्रवेश ले सकेंगे। जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 जुलाई से होगी, जिसमें 1400 सीटों का आवंटन होगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले के निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। विभाग के पास 5400 सीट के लिए कुल 10 हजार 500 आवेदन आए थे। बता दें कि पहले चरण में स्कूल का पंजीयन 10 फरवरी से 28 फरवरी तक किया गया। इसी बीच जिला शिक्षा अधिकारी दस्तावेज सत्यापन का कार्य 10 से 28 फरवरी तक हुआ। छात्रों ने 6 मार्च से 10 अप्रैल तक पंजीयन का कार्य किया, जिसके बाद नोडल अधिकारी इन आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों की जांच 11 अप्रैल से 11 मई तक की। लॉटरी और आवंटन कर 15 मई से 25 मई योग्य बच्चों की सूची बनाई गई। अब स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया 16 जून से 30 जून तक की जाएगी।
समय पर नहीं पहुंचने वालों को फिर नहीं मिलेगा मौका -16 से 30 जून तक आरटीई के तहत स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। समय पर नहीं पहुंचने वाले आवेदक दोबारा प्रवेश लेने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए समय रहते प्रवेश लेना होगा। दूसरे चरण की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होगी, जो 15 जुलाई तक चलेगी। इस बीच विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद नोडल अधिकारी आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन 27 जुलाई से 2 अगस्त तक करेंगे। फिर स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया 3 अगस्त से 14 अगस्त तक चलेगी।
0 25 प्रतिशत सीटों पर मिल रहा प्रवेश-जिले के निजी स्कूलों में कुल सीटों के 25 प्रतिशत सीटों पर जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। नए सत्र तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करनी है। इसके बाद बच्चे जाना शुरू करेंगे। आरटीई के तहत नए विद्यार्थियों को सभी प्रकार की शिक्षण सामग्री भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी दी गई है। जिला शिक्षा अधिकारी बीके कौशिक के अनुसार शासन द्वारा बनाए गए नियम का पालन नहीं करने वाले स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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