
निगम के विशेष सम्मेलन में बच्चों की तरह हल्ला मचाते रहे जनप्रतिनिधि
बिलासपुर. पांच माह बाद मंगलवार को आयोजित नगर निगम का विशेष सम्मेलन हंगामे की भेंट चढ़ गया। शहर की समस्याओं पर तो चर्चा ही नहीं हो सकी। शासन के आदेश पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा के बाद कांग्र्रेस पार्षद दल ने उच्च सदनों की तरह यहां भी सदन की कार्रवाई स्थगित करने की मांग की, लेकिन सभापति ने सदन की कार्रवाई शुरू करा दी। इसके विरोध में हंगामा और नारेबाजी करते कांग्रेस पार्षद जमीन पर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। वहीं भाजपा पार्षदों ने दो अतिरिक्त प्रस्ताव समेत 64 प्रस्तावों को हंगामे के बीच टेबल ठोंककर पास कर दिया। करीब आधे घंटे में 2 अरब के प्रस्ताव पास कर दिए गए। सदन की कार्रवाई शुरू होते ही निगम सचिव ने शासन के समान्य प्रशासन विभाग के आदेश पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्धांजलि सभा का ऐलान किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले शहर की समस्याओं और प्रस्तावों पर चर्चा की जाए उसके बाद अंत में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाए। हालांकि सभापति अशोक विधानी ने उनकी मांग को नकार दिया। नेता प्रतिपक्ष शेख नजीरूद्दीन, महापौर किशोर राय और कांगे्रस पार्षद अखिलेश चंद्र वाजपेयी ने पूर्व प्रधानमंत्री की शोकसभा को संबोधित करते हुए उनके व्यक्तित्व और किए गए कार्यों को याद किया।
इसके बाद आधे घंटे के लिए सभा स्थगित करने सभापति ने घोषणा कर दी। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद दल ने उच्च सदनों की तरह यहां भी श्रद्धांजलि सभा के बाद सदन की पूरी कार्रवाई स्थगित करने की मांग रखी, लेकिन सभापति, महापौर व भाजपा के पार्षद बाहर निकल आए।
2 अरब से अधिक के प्रस्ताव पास : श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्रवाई दोबारा शुरू हुई। इसमें हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप होने लगा। कांग्रेस पार्षद तैयब हुसैन ने श्रद्धांजलि सभा के बहाने भाजपा के महापौर व पार्षदों पर 200 से करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार के प्रस्तावों को पास कराने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस पार्षद सदन के बीचो-बीच गलियारे पर बैठकर रधुपति राघव राजाराम गाते रहे और दूसरी तरफ भाजपा पार्षद टेबल ठोंक-ठोंककर प्रस्ताव पास करते रहे।
वाजपेयी की तस्वीर तक भूल गए, कांग्रेस पार्षद ने दी : निगम प्रशासन ने शासन के आदेश पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन तो किया, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर लाना भूल गए। सदन की कार्रवाई के दौरान कांगे्रस पार्षद दल के प्रवक्ता शैलेन्द्र जायसवाल ने पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर लाकर दी, जिसे टेबल पर रखकर सभी सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेता प्रतिपक्ष ने लूटा एजेंडा, एल्डरमेन ने दूसरा भिजवा दिया : हंगामे और विरोध के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने निगम सचिव के हाथ से एजेंडे की वह प्रति छीन ली, जिससे वे प्रस्तावों का पठन कर रहे थे और भाजपा पार्षद टेबल ठोंक-ठोंककर पास-पास कर रहे थे। इससे कुछ देर के लिए कार्रवाई बाधित हुई। लेकिन फिर एक एल्डरमेन ने सचिव को एजेंडे की दूसरी कॉपी पढऩे के लिए उपलब्ध करा दी।
रमेश की मांग पर झुग्गीवासियों को एक और अवसर : प्रस्ताव क्रमांक 60 में सबके लिए आवास योजना के तहत वार्ड नंबर 1 से 59 नंबर तक सर्वे के बाद 14145 हितग्राहियों में से सर्वे में सहयोग करने वाले 6817 हितग्राहियों को पात्र बताया गया। शेष 7328 को सर्वे में सहयोग न करने के कारण अपात्र बताकर योजना से वंचित करने का प्रस्ताव रखा गया था। इसे एमआईसी सदस्य रमेश जायसवाल की आपत्ति के बाद अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया गया।
अतिरिक्त प्रस्ताव पर बर्हिगमन : कांग्रेस पार्षद दल विरोध प्रदर्शन करते गलियारे में ही धरने पर बैठे रहे। जैसे ही निगम सचिव ने पूरे एजेंडे का पठन करने के बाद अतिरिक्त प्रस्ताव का पठन किया, कांग्रेस पार्षदों ने बर्हिगमन कर दिया।
वार्डों की समस्या पर नहीं हो चुकी चर्चा : मुद्दा विहीन विपक्ष ने इस बार भी हंगामा मचाया। इससे प्रस्तावों और वार्डों की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो सकी। श्रद्धांजलि सभा के बाद ब्रेक कर सदन की कार्रवाई संचालित की जा सकती है। केवल भ्रष्टाचार का आरोप लगाने से क्या होता है। यदि कांग्रेसियों के पास कोई प्रमाण हो तो पेश करें। सदन की कार्रवाई, ऑनलाइन टेंडर प्रकिया सब नियम से हुई है।
किशोर राय, महापौर नगर निगम
प्रस्तावों को स्वीकृत कराने किया गया था आयोजन : श्रद्धांजलि सभा के बहाने वर्क ऑर्डर जारी करने और काम चालू कराने के बाद प्रस्तावों को स्वीकृत कराने विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया, जो अनुचित है। हमने इसीलिए सभा को नियम के मुताबिक स्थगित करने की मांग रखी थी। कांग्रेस पार्षद दल उनके अनुचित क्रियाकलाप और भ्रष्टाचार में भागीदार नहीं है। पार्षद दल से चर्चा कर कोर्ट जाएंगे।
शेख नजीरूद्दीन, नेता प्रतिपक्ष
पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर तक नहीं थी : जिस ढंग से श्रद्धांजलि सभा की आड़ में भ्रष्टाचार के प्रस्तावों को पारित कराने के लिए दबाव बनाया गया, उससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है। अपने दिवंगत नेता के प्रति उनके मन में कितना सम्मान है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके पास पूर्व प्रधानमंत्री की तस्वीर तक नहीं थी।
शैलेंद्र जायसवाल, प्रवक्ता कांग्रेस पार्षद दल।
Published on:
29 Aug 2018 04:00 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
