
वन विभाग के बीट गार्ड का मामला: 22 साल बाद हाईकोर्ट से मिला न्याय, तब तक पीड़ित ने दुनिया छोड़ दी
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह व उनकी पत्नी यास्मीन सिंह को बड़ी राहत देते हुए एसीबी और ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में माना कि इस प्रकरण में आय से अधिक संपत्ति का मामला ही नहीं बनता। आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे अमन सिंह ने अपनी याचिका के साथ आवेदन पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें उन्होंने कहा, उन्हें षड़यंत्र के तहत फंसाया गया है। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला ही नहीं बनता। लेकिन एसीबी ने दबाव में यह कार्रवाई की है।
इस प्रकरण में कोर्ट ने एसीबी से जवाब मांगा था। एसीबी ने इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान उनके आय-व्यय का ब्यौरा भी पेश नहीं किया। कोर्ट के आदेश पर दस्तावेज प्रस्तुत किए लेकिन आपराधिक प्रकरण बनने व न बनने को लेकर कोई स्पष्ट जवाब भी नहीं दिया। सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए एसीबी और ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज आपराधिक प्रकरण को निराधार मानते हुए निरस्त करने का आदेश दिया है।
सामाजिक कार्यकर्ता उचित शर्मा की शिकायत पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्रदेश के पूर्व प्रमुख सचिव सिंह के खिलाफ एसीबी और ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस दौरान उनकी पत्नी यास्मीन सिंह के बैंक अकाउंट सहित अन्य खातों को सील कर दिया गया। पति-पत्नी ने अपने खिलाफ कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उनकी याचिका पर एसीबी व ईओडब्ल्यू की जांच पर रोक लगा दी थी।
Published on:
11 Jan 2022 12:03 am
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