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ठेले पर गुपचुप, चाउमिन, एगरोल विक्रेता को हैंड ग्लब्स व हेड कवर लगाना जरूरी

खाद्य सामग्रियों की सुरक्षा और खाने-पीने की वस्तुओं को सुरक्षित रखने और देने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ठेला संचालकों को जागरूक करने की मुहिम चलाया जाएगा

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Kajal Kiran Kashyap

Sep 17, 2016

hand glbs

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बिलासपुर.
शहर में आने वाले दिनों में हर गली-चौराहे पर ठेला लगाकर गुपचुप, चाउमिन, एगरोल, भेलपुरी, इडली, दोसा बेचने वाले नए रूप में दिखेंगे। सड़क किनारे एेसे सभी ठेला संचालित करने वाले दोनों हाथों पर ग्लब्स लगाना और सिर पर कवर लगाकर बेचते नजर आएंगे। खाद्य सामग्रियों की सुरक्षा और खाने-पीने की वस्तुओं को सुरक्षित रखने और देने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ठेला संचालकों को जागरूक करने की मुहिम चलाया जाएगा। इसके लिए शहर में एक-एक करके मोहल्ले के हिसाब से एेसे ठेला संचालकों की बैठक लेने की प्रक्रिया स्थानीय खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारियों द्वारा पहल प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में अब तक लगभग तीस से अधिक ठेले में खाद्य सामग्रियां बेचने वाले संचालकों की बैठक ले चुके हैं।


अधिनियम की दी जानकारी

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सड़क किनारे ठेला लगाकर खाद्य सामग्रियां बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा अधिनियमों व मानकों की जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रत्येक संचालक को खाद्य सामग्रियां परोसने के दौरान हाथों में ग्लब्स और सिर पर कवर लगाने के लिए कहा जा रहा है।

हैंड ग्लब्स व हेड कवर का संकट

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जागरुकता के लिए ठेला संचालकों को हैंड ग्लब्स व हेड कवर की बाजार में पूछपरख शुरू की गई लेकिन यह सुरक्षा सामग्री फिलहाल किसी दुकान में उपलब्ध नहीं है।


टोपी, गमछे से काम चलाया जाएगा

विशेष तरह के बने हैंड ग्लब्स व हेड कवर बाजार में उपलब्ध नहीं है। इसलिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने वैकल्पिक तौर पर प्रत्येक ठेला संचालक को सिर पर उल्टे टोपी या गमछा बांधकर खाद्य सामग्रियां ग्राहकों को परोसने का अस्थाई विकल्प बताया गया है ताकि सिर के बाल झड़कर खाद्य सामग्रियों में न गिरे।


पंजीयन अनिवार्य

शहर में अब सड़क किनारे खाद्य सामग्रियां बेचने वाले हर ठेले वाले को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य है। अब तक 35 से अधिक लोगों का पंजीयन किया जा चुका है। इसका सालाना पंजीयन शुल्क सौ रुपए निर्धारित किया गया है।


जागरूक करने पहलकदमी

&लोगों को जागरूक करने के लिए यह पहलकदमी शुरू की गई है। खाद्य सामग्रियों को अधिक सुरक्षित व सेहत को ध्यान में रखकर एेसा किया जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम आएंगे।

डॉ. अजय शंकर कन्नौजे, सहायक खाद्य नियंत्रक