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कृषि विभाग में मनमानी भर्तियां! हाईकार्ट ने की रद्द, कहा- नियमों की हुई अनदेखी

Bilaspur High court: बिलासपुर हाईकोर्ट बलरामपुर जिले के कृषि विभाग में सचिव पद के लिए की गई नियुक्ति को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए नियमों की अनदेखी करने की बात कही है…

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CG High Court, bilaspur high court news

Bilaspur High Court: (photo-patrika)

Bilaspur High court: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकारियों की मनमानी पर कड़ा प्रहार किया है। न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू की पीठ ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद बीच में अनुभव संबंधी नियमों को बदला नहीं जा सकता। कोर्ट ने बलरामपुर जिले के कृषि विभाग में सचिव पद पर की गई अवैध नियुक्ति को रद्द करते हुए याचिकाकर्ता की बहाली के आदेश दिए हैं।

Bilaspur High court: कोर्ट ने लगाई फटकार

हाईकोर्ट ने पाया कि विज्ञापन में अनुभव के लिए 'सरकारी संस्थान' की कोई अनिवार्य शर्त नहीं थी। कोर्ट ने कहा कि अवैध साधनों के जरिए किया गया चयन टिकने योग्य नहीं है। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे याचिकाकर्ता के अंक बहाल कर मूल मेरिट सूची के आधार पर उन्हें नियुक्ति प्रदान करें।

क्या था मामला

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में तातापानी माइक्रो वाटरशेड समिति के सचिव पद के लिए विज्ञापन निकला था। याचिकाकर्ता सत्यम गुप्ता 67.9 अंकों के साथ मेरिट सूची में पहले स्थान पर थे। उनके पास एक निजी संस्थान का अनुभव प्रमाण पत्र था। चयन समिति ने अंतिम समय में अचानक उनके अनुभव के अंक काट दिए और दिलीप कुमार एक्का नामक व्यक्ति को चयनित कर दिया, जो प्रारंभिक मेरिट सूची के टॉप-3 में भी शामिल नहीं था।