अपील में बताया गया कि उसके माता-पिता के बीच प्रेम सबंध था गर्भवती होने के बाद उसने गर्भपात से भी इनकार कर दिया था। इस कारण ही अपीलकर्ता का जन्म 12 नवबर 1995 को हुआ था। महिला ने फैमिली कोर्ट में अपने भरण पोषण को लेकर पुत्र के साथ संयुक्त रूप से मामला प्रस्तुत किया। लेकिन प्रतिवादी ने पिता होने से इंकार किया। इसके काफी समय बाद अप्रैल, 2017 में जब वादी पुत्र बीमार पड़ गया और वित्तीय संकट के कारण, वह अपने जैविक पिता के घर गया और इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी तो उसने मना कर दिया।