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Bilaspur News: कोनी में 200 करोड़ की लागत से बनेगा एमएसएमई टेक्नोलाजी सेंटर, 4 हजार युवाओं को फायदा, जानें कैसे?

Bilaspur News: संभाग के युवा उद्यमियों को आने वाले दिनों में अपने सपने और कॅरियर को ऊंची उड़ान मिल सकेंगी। कोनी में 200 करोड़ की लागत से बनेगा एमएसएमई टेक्नोलाजी सेंटर बनेगा...

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Bilaspur News: कोनी में 200 करोड़ की लागत से बनेगा एमएसएमई टेक्नोलाजी सेंटर, 4 हजार युवाओं को फायदा, जानें कैसे?

Bilaspur News: संभाग के युवा उद्यमियों को आने वाले दिनों में अपने सपने और कॅरियर को ऊंची उड़ान मिल सकेंगी। कोनी में 20 एकड़ जमीन में 200 करोड़ की लागत से सूक्ष्म लघु व मध्यम मंत्रालय द्वारा बनाए जा रहे एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए तीन करोड़ रुपए रेलवे की सेल निर्माण एजेंसी इरकान को दे दिया गया है। इस टेक्नोलॉजी सेंटर में जरूरत के मुताबिक श्रमिकों को प्रशिक्षित कर कुशल बनाया जाएगा। इससे कुशल कारीगर तैयार होंगे। उद्योगों के द्वारा निर्मित वस्तुओं के क्वालिटी की जांच होगी।

छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ प्रदेशाध्यक्ष हरीश केडिया ने बताया कि सेंटर में करीब 50 करोड़ की बिल्डिंग, बाउंड्रीवाल, सड़कें होंगी। करीब 100 करोड़ रुपए की मशीनें आएंगी। आधुनिक टेस्टिंग लैब में हमारा कच्चा और पक्का दोनों माल का क्वालिटी टेस्ट होगा, ताकि गुणवत्ता कायम रखी जा सकें।

प्रदेश में दुर्ग के बाद दूसरा सेंटर

प्रदेशाध्यक्ष हरीश केडिया ने बताया कि प्रदेश में यह दुर्ग के बाद दूसरा एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर होगा। कोनी में आईटीआई के पास 20 एकड़ जमीन भारत सरकार के नाम स्थानांतरित कर आधिपत्य दे दिया गया है। सेंटर शुरू होने से बिलासपुर के अलावा अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा आदि जिलों के युवाओं को रोजगार एवं प्रशिक्षण मिलेगा। लघु उद्योगों का तकनीकी विकास एवं उन्नयन व आधुनिकीकरण होगा।

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4 हजार युवाओं को फायदा

इस सेंटर के संभाग के चार हजार से अधिक युवाओं को आधुनिक उपकरणों व एडवांस टेक्नोलॉजी का प्रशिक्षण आसानी से मिल सकेगा।

ये होगी खासियत

सेंटर में उद्योगों की जरूरतों एवं आवश्यकतानुसार डाई, कलपुर्जों का निर्माण होगा। लघु उद्योगों के कच्चे माल एवं उत्पादित वस्तुओं की टेस्टिंग होगी ताकि उच्च क्वालिटी की वस्तुओं का निर्माण हो। क्वालिटी प्रमाण पत्र के आधार पर अपनी वस्तुओं को बड़े कारखानों एवं शासकीय उपक्रमों में बेच सकें।

सेंटर में युवाओं के लिए उद्योगों की प्रशिक्षित कारीगर की जरूरत का आंकलन करके यहां पर विभिन्न तरह के कोर्स चलाकर मशीनों को चलाने एवं रखरखाव करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस तरह सेंटर में उद्यमियों को विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण, युवा बेरोजगारों को तकनीकी एवं कुशल कारीगर बनाने के प्रशिक्षण के अलावा प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाने में सहयोग मिलेगा।