
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
CG News: 67 सब-इंजीनियर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने भर्ती को निरस्त करने वाले हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और हाईकोर्ट में याचिका लगाने वाले पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग में 67 सब-इंजीनियर्स की भर्ती को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
दरअसल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्ष 2011 में की गई सब-इंजीनियर (सिविल) भर्ती में हुई गंभीर अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने 67 उप अभियंताओं की नियुक्तियों को अवैध घोषित करार देते हुए निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति अवैध मानी जाएगी। चयन प्रक्रिया के दौरान कुल 89 ऐसे उम्मीदवारों की पहचान हुई थी, जिनके पास आवेदन की अंतिम तारीख तक जरूरी शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
बता दें कि साल 2011 में 275 पदों के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। आरोप लगाया गया कि विभाग ने नियमों का उल्लंघन करते हुए 275 की जगह 383 नियुक्तियां कर दी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद 67 सब इंजीनियरों को अपात्र मानते हुए उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रभावित सब इंजीनियरों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है और याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है।
Updated on:
12 Feb 2026 01:40 pm
Published on:
12 Feb 2026 01:39 pm
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