
बिलासपुर/रायपुर. CGPSC case in HC : पीएससी 2021 की परीक्षा में गड़बड़ी पर बुधवार को हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। राज्य शासन ने भी अपना पक्ष रखा। जिसके बाद हाईकोर्ट ने विवादित 15 नियुक्तियों पर रोक लगा दी। इस मामले राज्य शासन ने हाईकोर्ट में कहा है कि शासन मामले की स्वयं जांच कर हाईकोर्ट के समक्ष पूरी रिपोर्ट और जवाब प्रस्तुत करेगा।
CGPSC case in HC : साथ ही मामले की अगली सुनवाई तक इस विषय को बढ़ावा न देकर जिन व्यक्तियों पर आरोप लगा है और उनकी नियुक्ति नहीं हुई है, उनकी नियुक्ति को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा। जिनकी नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन पर यथास्थिति रखते हुए न्यायालय का अंतिम आदेश लागू किया जाएगा। शासन के इस वक्तव्य को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को रखी है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार तथा पीएससी को निर्देशित किया है कि जो सूची याचिकाकर्ता ने प्रस्तुत की है, उसके तथ्यों की सत्यता की भी जांच कर लें। इसके अलावा याचिकाकर्ता को निर्देशित किया गया है कि वह चयनित व्यक्तियों को पक्षकार बनाए और अपनी याचिका में निर्धारित संशोधन कर प्रस्तुत करें।
याचिका में 2020 के भी नाम, कोर्ट ने जताई आपत्ति
CGPSC case in HC : भाजपा विधायक और याचिकाकर्ता ननकीराम कंवर के एडवोकेट संजय कुमार अग्रवाल ने याचिका में संशोधन का आग्रह किया और कुछ तथ्यों में बदलाव करने की बात कही। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर याचिकाकर्ता की जानकारी गलत पाई गई तो उसके विरुद्ध भी न्यायोचित कार्यवाही की जाएगी। यह बात सामने आई कि याचिका में वर्ष 2020 में चयनित तीन नाम भी जोड़ दिए गए, जिस पर कोर्ट ने आपत्ति की। डिवीजन बेंच ने चेयरमैन, अधिकारी और सत्ताधारी दल के नेताओं के करीबियों की 18 पदों पर नियुक्ति की जांच कराने के निर्देश भी दिए, जिसे राज्य शासन ने स्वीकार किया।
चयन पर उठे हैं सवाल
CGPSC case in HC : पीएससी ने 12 मई 2023 की सुबह अंतिम चयन सूची जारी की थी। इसके बाद से ही सवाल उठ रहे हैं। सूची के टॉप 20 में जो नाम थे, वे बड़े अधिकारियों, बिजनेसमैन या फिर कांग्रेस नेताओं के रिश्तेदार हैं।
Published on:
21 Sept 2023 12:18 pm
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