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छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनकर हुआ तैयार, अब AIIMS का है इंतजार…

Chhattisgarh News: साल 1948 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना की गई थी। इसके दो साल बाद साल 1950 में विश्व स्वास्थ्य दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिन को विश्व स्तर पर मनाने की पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की। ऐसे में स्वास्थ्य दिवस को मनाने की शुरुआत हुई।इस वर्ष के स्वास्थ्य दिवस की थीम "सभी के लिए स्वास्थ्य" है।

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छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनकर हुआ तैयार

छत्तीसगढ़ का दूसरा मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनकर हुआ तैयार

Chhattisgarh News: 2023-24 बजट सत्र के दौरान बिलासपुर में एम्स की मांग उठाई गई थी। बिलासपुर संभाग राज्य में जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा संभाग है फिर भी बिलासपुर और बिलासपुर से लगे उत्तर छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग स्वास्थ्य के मामले में अब भी उतना समृद्ध नहीं हुआ है जितना कि रायपुर और दुर्ग संभाग। अभी भी बड़ी और गंभीर बीमारियों के लिए सरगुजा संभाग के लोगों को 300-400 किलोमीटर का सफ़र तय कर रायपुर के एम्स या बिलासपुर सिम्स और अपोलो जैसे शासकीय और निजी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है। इससे कभी-कभी ऐसी स्थिति निर्मित हो जाती है की जिन मरीजों को समय रहते बचाया जा सकता था उन्हें अपने जान से हाथ गंवाना पड़ता है।

लेकिन अगर केन्द्र और राज्य सरकार की बदौलत बिलासपुर में एम्स की सुविधा मिल जाती है तो फिर सरगुजा संभाग के लोगों को इलाज के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी और बिलासपुर में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल जाएगी। मौजूदा समय में बिलासपुर में 10 नर्सिंग कॉलेज मौजूद है। इससे भी बिलासपुर जिले में स्वस्थ कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी।

इसके अलावा बिलासपुर में राज्य का दूसरा शासकीय मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण हो रहा है। यह सिम्स से बिल्कुल अलग है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत बनाए जा रहे इस हॉस्पिटल में ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन चिकित्सा के अलावा गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी।

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यहां बिलासपुर संभाग के अलावा छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीजों को सरकारी दरों में स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। 200 करोड़ की लगत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट में 120 करोड़ केंद्र सरकार और 80 करोड़ राज्य सरकार वहन कर रही है।ये विभाग संचालित होंगे हृदय रोग से संबंधित समस्य मेडिसिन व शल्य क्रियाएं (कार्डियोलॉजी विभाग एवं कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी विभाग), किडनी रोग से संबंधित समस्त मेडिसिन एवं शल्य क्रियाएं(नेफ्रोलॉजी विभाग एवं यूरोलॉजी विभाग) और मस्तिष्क रोग से संबंधित मेडिसिन एवं शल्य क्रियाएं(न्यूरोलॉजी विभाग एवं न्यूरोसर्जरी विभाग)

भविष्य में जिले को मिल सकती है एम्स की सौगात
2023-24 बजट सत्र के दौरान बिलासपुर विधयक द्वारा जिले में एक एम्स अस्पताल बनाने की मांग उठाई थी। जिस पर जवाब देते हुए राज्य के स्वस्थ मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा था कि मैंने केंद्रीय मंत्री को इस बारे में पत्र लिखा है। उनका जवाब भी आया है कि उन्हें पत्र मिल गया है। उन्होंने कहा कि रायपुर एम्स में भी अब बिस्तरों की कमी हो रही है। और जनसंख्या के हिसाब से बिलासपुर सबसे बड़ा संभाग है जिसके चलते सदन में पक्ष विपक्ष दोनों ने सहमति जताई थी कि छत्तीसगढ़ में जब अगला एम्स बनाया जाएगा तो बिलासपुर में ही बनेगा।

मौजूदा समय में सिम्स व जिला चिकित्सालय पर अतिरिक्त भार
शहर में मौजूदा समय में दर्जनों प्राइवेट अस्पताल है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए सिम्स और जिला चिकत्सालय ही ऑप्शन है ऐसे में देखा जाता है कि दोनों ही अस्पतालों के ओपीडी में सैकड़ों की संख्या में मरीज अपने इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सर्वे मरीजों के दवाओं और प्रॉपर इलाज नहीं मिल पाटा है। इसके अलावा शहर में एक ही सरकारी एमआरआई मशीन उपलब्ध है जो इतनी जनसंख्या को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है।

मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल: जून में होगा शुरू
राज्य का दूसरा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण बिलासपुर कोनी में किया जा रहा है। मौजूदा समय में इस हॉस्पिटल का काम 75 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस अस्पताल को जून माह के अंत तक मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस अस्पताल के बनने का सबस बड़ा राज्य के नागरिकों को होगा। वहीं अस्पताल के प्रभारी डॉ. केके सहारे ने बताया कि इससे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को सुपर स्पेशियलिटी कोर्सेस की पढ़ाई कराई जा सकेगी जिससे राज्य में सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की कमी दूर होगी।