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पुलिस आती है या नहीं सोच, फोन नंबर 112 पर जब बच्चे ने कहा- हो गया है दोस्त का अपहरण

एक बच्चे ने सूचना दी कि मेरे दोस्त को कुछ लोग जबरिया वैन में भर कर ले गए हैं। सूचना कंट्रोल रूम के साथ ही थाना क्षेत्र सिरगिट्टी को भी तत्काल दी गई। हाल फिलहाल हुई दो तीन अपहरण की घटना को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जिसे नम्बर से फोन आया था उस नम्बर का लोकेशन तत्काल खोजने में पूरा पुलिस अमला लग गया।

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पुलिस आती है या नहीं सोच, फोन नंबर 112 पर जब बच्चे ने कहा- हो गया है दोस्त का अपहरण

पुलिस आती है या नहीं सोच, फोन नंबर 112 पर जब बच्चे ने कहा- हो गया है दोस्त का अपहरण

बिलासपुर. तिफरा क्षेत्र में 11 साल के बच्चे का अपहरण होने की जानकारी लगते ही पुलिस महकमा हरकत में आ गया। जिस नम्बर से किशोर के अपहरण की सूचना पुलिस को मिली थी वह नम्बर बंद होने के कारण पुलिस का संदेह हकीकत में बदल गया। आनन-फानन में पुलिस ने शहर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों की नाकेबंदी कर दी। वहीं बच्चे की तलाश की गई तो पूरा मामला फर्जी निकला।

पुलिस के अनुसार पूर्वाह्न लगभग 11 बजे हेल्प लाइन 112 पर एक बच्चे ने सूचना दी कि मेरे दोस्त को कुछ लोग जबरिया वैन में भर कर ले गए हैं। सूचना कंट्रोल रूम के साथ ही थाना क्षेत्र सिरगिट्टी को भी तत्काल दी गई। हाल फिलहाल हुई दो तीन अपहरण की घटना को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जिसे नम्बर से फोन आया था उस नम्बर का लोकेशन तत्काल खोजने में पूरा पुलिस अमला लग गया।

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लास्ट लोकेशन पर सिरगिट्टी पुलिस पहुंच गई, फोन करने की तलाश शुरू हुई, पुलिस को जिस नम्बर से फोन आया था वह फोन बंद होने के कारण पुलिस के भी हाथ पैर फुल गए। काफी खोजबीन के बाद नम्बर के मालिक का पता चला तब जाकर पुलिस को पता चला कि फोन एक 11 वर्षीय बालक ने किया था और जिस बच्चे का अपहरण होने की बात उसने कही थी वह बच्चा वह खुद था।

उसके पिता नहीं हैं, मां ही उसका ख्याल रखती है। बच्चे ने बताया कि पहले उसने 108 को फोन कर दुर्घटना होने की बात कही थी लेकिन 108 नहीं आई, उसके बाद उसने 112 पर फोन किया था। पुलिस के सवाल सुन वह डर गया और मोबाइल बंद कर दिया था। पुलिस ने तब जाकर राहत की सांस ली।

अपहरण की सूचना फोन पर मिलते ही पुलिस के जवान सक्रिय हो गए थे। शहर के चारों ओर नाकेबंदी कर अपहरणकर्ताओं व सफेद रंग की वैन की तलाश कर रहे थे। तिफरा में घटना की किसी को जानकारी नहीं थी आखिर में नम्बर लोकेशन के आधार पर फोनकर्ता बच्चे का पता चल गया। पुलिस आती है या नहीं सोचकर बच्चे ने फोन किया था।

-उमेश कश्यप, एडिशनल एसपी बिलासपुर शहर

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