ज्ञात हो कि सोनू हाथी का हाल जानने के लिए चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता ने स्वयं रुचि लेते हुए अचानकमार का निरीक्षण किया था। दरअसल सोनू हाथी के पुनर्वास के लिए वाइल्ड ट्रस्ट ऑफ इंडिया ने सहमति दी है। दरअसल डब्ल्यू टीआई ने कई हाथियों का सफलतापूर्वक पुनर्वास कराया है। अरुणाचल प्रदेश में सोनू के समान ही एक पकड़े गए हाथी के बच्चे को जंगल में सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। डब्लयूटीआई के सीनियर डायरेक्टर अशरफ ने सोनू हाथी का निरीक्षण 10 जुलाई 2016 को किया था तथा उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ऐसा नहीं है कि कोई हाथी जिसने पहले मनुष्य को मार दिया हो, उसका पुनर्वास नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि सोनू को ट्रेनिंग नहीं दी गई है और उसे हमेशा बांध कर रखा गया है। महावतों ने उसे सिर्फ आज्ञासूचक शब्द उठना, बैठना, खाना जैसे शब्द सिखाए हैं। अगर उसे प्रापर ट्रेनिंग दी जाएगी तो जंगल में सफलता पूर्वक रहने के लिए सक्षम है।