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बिना ढंके ले जा रहे कोयला, ऊपर से लक्ष्य हासिल करने ओवरलोडिंग भी…

Coal Loading: एसईसीआर जोन की मालगाड़ियां ओवर लोड होकर गुजर रही हैं। इन रेकों में कोयलों को बिना ढंके ही चलाया जा रहा है। एसईसीआर जोन सिर्फ एनजीटी के नियमों की धज्जियां ही नहीं उड़ा रहा, बल्कि ओवरलोड रेक चलने से रेलवे लाइन पर भी इसका असर हो रहा है।

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Chhattisgarh News: एसईसीआर जोन की मालगाड़ियां ओवर लोड होकर गुजर रही हैं। इन रेकों में कोयलों को बिना ढंके ही चलाया जा रहा है। एसईसीआर जोन सिर्फ एनजीटी के नियमों की धज्जियां ही नहीं उड़ा रहा, बल्कि ओवरलोड रेक चलने से रेलवे लाइन पर भी इसका असर हो रहा है। बावजूद इसके, रेलवे प्रबंधन ढुलाई का टारगेट पूरा करने सारे नियमों को ताक पर रखे हुए है।

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लदान के टारगेट को पूरा करने के लिए एसईसीआर जोन ने सारे नियमों को ताक पर रख कर रेक में ओवरलोड कोयला की ढुलाई कर रहा है। जोन से गुजरने वाली ट्रेनों में ओवर लोडिंग के साथ ही पर्यावरण के नियमों की धज्जियां भी उडाई जा रही हैं। कोयला को तिरपाल से ढंक कर ले जाने की जगह खुले में ले जाया जा रहा है। इसकी वजह से उडऩे वाले डस्ट से पर्यावरण को तो नुकसान हो ही रहा है, साथ ही भीड़ वाली जगहों व स्टेशन से गुजरने के दौरान उडऩे वाली डस्ट से लोगों के बीमार पडऩे की आशंका भी काफी बढ़ जाती है। नियमों की अनदेखी कर एसईसीआर जोन कोयला का परिवहन कर रहा है। स्टेशनों के गुजरने के बाद भी कोई सक्षम अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

रेल पटरियों को होता है नुकसान
ओवर लोडिंग परिचालन का सबसे ज्यादा नुकसान रेल लाइन को होता है। क्षमता से अधिक लोडिंग चलने पर ट्रैक समय से पहले खराब होने लगता है। ओवर लोड को लेकर कुछ रेलवे कर्मचारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि ओवर लोड रेक चलने से सीधा सीधा पटरी को नुकसान होता है।

कोयले को ढंक कर ले जाने का नियम
पर्यावरण मंत्रालय ने डस्ट उड़ने वाले सभी प्रकार के लदान को ढंक कर ले जाने का नियम बनाया है, क्योंकि हवा का बहाव तेज होने से खुले में कोयला व अन्य वह वस्तु जिससे डस्ट उड़ता है उससे स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियों के उत्पन्न होने का खतरा बना रहता है। बावजूद इसके रेलवे कोयला जिसमें डस्ट उड़ता है उसका परिवहन बिना ढंके ही कर रहा है।

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लदान का लक्ष्य हासिल करना भी एक कारण
एसईसीआर जोन लदान के मामले में पूरे देश में सर्वाधिक आय देने वाला है। हर बार एसईसीआर जोन मिले लक्ष्य से ज्यादा पूरा करने का प्रयास करता है। जोन ने वर्ष 2021-2022 में 212 मिलयन टन माल लदान कर इतिहास रच दिया था। जोन ने अपने पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 29.11 प्रतिशत अधिक लदान किया था। वर्तमान में जोन के पास लगभग 220 मिलयन टन माल लदान का लक्ष्य है।