28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुचलका भरकर बुरी तरह फंसे कांग्रेसी, अब हंगामा किया तो होगी जेल

कांग्रेस भवन में लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस नेता नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यक्रम का लगातार विरोध करते आ रहे हैं।

2 min read
Google source verification
tarbahar

मुचलका भरकर बुरी तरह फंसे कांग्रेसी, अब हंगामा किया तो होगी जेल

बिलासपुर. गुरुवार को व्यापार विहार के पास प्लेनेटोरियम व स्मार्ट रोड का भूमिपूजन का विरोध करने पहुंचे कांग्रेसियों को पुलिस गिरफ्तार कर तारबाहर थाने ले गई। सिटी मजिस्टे्रट ने रिहाई के लिए प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 हजार रुपए के मुचलके पर छोड़ा। बताया जाता है अब कांग्रेसी दोबारा हंगामा या विरोध करते पकड़े गए तो उन्हेंं जेल भेजा जा सकता है। मुचलका भरकर कांग्रेसी बुरी तरह से फंस गए हैं। कांग्रेस भवन में लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस नेता नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल के कार्यक्रम का लगातार विरोध करते आ रहे हैं।

इसी के तहत गुरुवार को व्यापार विहार में भूमिपूजन कार्यक्रम का विरोध करने के लिए कांग्रेस नेता पहुंचे। कार्यक्रम शुरू होने के पहले कांग्रेसियों द्वारा हंगामा मचाया जा रहा था। उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर तारबाहर थाने ले गई। मंत्री अमर अग्रवाल का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सिटी मजिस्टे्रड एके टंडन ने तारबाहर थाने पहुंचकर हर बार की तरह इस बार भी प्लेन कागज पर गिरफ्तारी और रिहाई का दस्तखत कराए। ब्लॉक कांग्रेस एक के अध्यक्ष तैय्यब हुसैन का कहना है हर बार नि: शर्त रिहाई होती थी, लेकिन इस बार अफसरों ने धोखे में मुचलके का खेल, खेल दिया। 10-10 हजार रुपए के मुचलके में रिहाई की जानकारी हमें नहीं दी गई। वहीं जिला न्यायालय के एडव्होकेट अब्दुल वहाब खान का कहना है कि 151,107,116 शांति भंग करने और शासकीय कार्य में बाधा करने पर लगाया जाता है। यह नियम 6 महीने तक लागू रहता है। इस बीच अगर दोबारा ऐसी घटना में संलिप्त पाए गए, तो धारा को बढ़ाकर जेल भी भेजा जा सकता है। अब तक राजनीतिक विरोध करने वालों को नि: शुल्क रिहाई दिया जाता था, लेकिन मुचलके से यह रिकार्ड में दर्ज हो गया है।

एक दूसरे पर मढ़ते रहे आरोप : नेहरू चौक में धरना प्रदर्शन के बाद कांग्रेसी कांगे्रस भवन पहुंचे। उनके बीच चर्चा चल रही थी, कि 10-10 हजार रुपए का बांड अधिकारी ने किसे बताकर भरा है। इसे लेकर कांग्रेसी एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। अब कांग्रेसियों को इस बात की ङ्क्षचता सता रही है, कि दोबारा किसी मामले में घेराव किया गया तो उन्हें सीधे जेल भेजा जा सकता है।
अधिवक्ता से इस मामले में ली जा रही सलाह : अब तक नि: शर्त रिहाई होती थी। मुचलका किया गया तो सिटी मजिस्ट्रेट ने इसकी जानकारी किसी को नहीं दी। इस मामले में अपने अधिवक्ता से सलाह मश्विरा कर रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विजय केशरवानी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी