
अटकी सूची हड़बड़ाए कांग्रेसी, बीच रास्ते से फिर लौटे दिल्ली, लगा रहे पूरी ताकत
बिलासपुर. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस के दावेदारों की सूची शार्टआउट करने के लिए वापस कर दी है। केंद्रीय कांग्रेस कमेटी (सीईसी) की बैठक खत्म होने के बाद टिकट के लिए दावेदारी करने गए नेता वापस आ रहे थे। लेकिन बीच रास्ते में पता चला कि 26 को फिर से बैठक रखी गई है तो अनेक नेता फिर से दिल्ली वापस लौट गए। हालांकि कांग्रेस के बड़े नेता प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ,भूपेश बघेल, टीएस सिंह देव, डॉ. चरण दास महंत दिल्ली से वापस लौट आए हैं। लेकिन टिकट के दावेदार कुछ खेल न हो जाए इसलिए दिल्ली में डेरा जमाए हुए हैं। कांग्रेस के टिकट को फायनल करने के लिए राहुल गांधी ने सीईसी की बैठक बुलाई थी। इसमें प्रदेश के दिग्गज नेताओं के बीच चर्चा चल रही थी। बताया जाता है प्रदेश के नेताओं ने राहुल गांधी के सामने अलग-अलग सूची पेश की। तीन प्रकार की सर्वे सूची और नेताओं के बीच प्रत्याशी को लेकर खींचतान होने के कारण बैठक को स्थगित कर दिया गया।
नेताओं को लिस्ट फिर से तैयार करने के निर्देश दिए गए। दिल्ली में अपनी दावेदारी को मजबूत करने पहुंचे नेताओं को सूचना मिली कि बैठक कैंसिल हो गई है। इसलिए ट्रेन पकड़कर वापस लौट रहे थे लेकिन जैसे ही उनको पता कि सीईसी की बैठक 26 अक्टूबर को रखी गई है और उसी दिन सभी का नाम फायनल कर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी तो अधिकांश लोग फिर दिल्ली लौट गए। जो आने की तैयारी कर रहे थे वे भी रुक गए। कांग्रेस के एक नेता का कहना है कि बड़े नेता वापस रायपुर चले गए हैं लेकिन बिलासपुर, अम्बिकापुर सहित अनेक विधान सभा क्षेत्र के दावेदार दिल्ली में ही अटके हैं।
बड़े नामों पर ज्यादा रार : बड़े नामों को लेकर बड़े नेताओं के बीच फिर एक बार तकरार होने की बात कही जा रही है। सबसे ज्यादा बिलासपुर, बेलतरा, बिल्हा और कोटा विधान सभा को लेकर माथा पच्ची हो रही है। इन सीटों में जिनके नामों को आगे किया जा रहा है वे पहले पार्टी छोड़ चुके है इसलिए उनके नामों पर विरोध हो रहा है। वहीं जातीय समीकरण में बिल्हा और बेलतरा सीट पर पेंच फंस गया है।
ये हैं दिल्ली में: राजेन्द्र शुक्ला, अशोक अग्रवाल, एसपी चतुर्वेदी, अजय सिंह, अनिल राठौर, घनश्याम वर्मा, जागेश्वरी वर्मा, अनिल सिंह चौहान, रविन्द्र सिंह, अरुण तिवारी दिल्ली में डेरा डाले हैं। वहीं लोरमी, मुंगेली, मस्तूरी के दावेदार 25 को दिल्ली जाने की तैयारी में है।
समीरा और बृजलाल डटे दिल्ली में लोरमी, मरवाही में बढ़ रहा असंतोष : टिकट वितरण को लेकर असंतोष के गढ़ बने मरवाही और लोरमी में समाजिक बैठकों का दौर जारी है। लोरमी विधानसभा में पार्टी के फैसले से नाराज साहू समाज के भाजपा नेताओं समेत छह लोगों ने जवाहर साहू के नेतृत्व में कांग्रेस प्रवेश कर खलबली मचा दी है। मरवाही सीट पर निर्णय बदलवाने के लिए समीरा ने जहां दिल्ली में डेरा डाल रखा है तो कोटा से दावेदारी कर रहे बृजलाल भी वहीं डटे हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा पूर्व मंत्री भंवर सिंह पोर्ते की पुत्री अर्चना को टिकट दिए जाने से मरवाही के पूर्व विधायक रहे गोड़ समाज के अध्यक्ष पहलवान सिंह मरावी ने जहां लगातार समाजिक बैठक आयोजित कर निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे हैं। वहीं यहां से पिछले चुनाव में प्रत्याशी रही समीरा पैंकरा दिल्ली में पार्टी के निर्णय को बदलवाने डंटी हुई है। मरवाही में गोंड समाज के 80 हजार के करीब वोटर को साधने पहलवान सिंह ने पूरी ताकत लगा दी है।
लोरमी में जवाहर के नेतृत्व में कांग्रेस प्रवेश : इधर लोरमी में भी असंतोष की आग तेज होते जा रही है, विधायक और संसदीय सचिव तोखन साहू को टिकट देने के बाद साहू समाज दो फाड़ में बंट गया है। समाज के अध्यक्ष उदयराम साहू विधायक तोखन साहू के पक्ष में हैं, वहीं उनके इस फैसले से नाराज साहू समाज के वरिष्ठ भाजपा नेता हरि साहू, व बीएसपी से पूर्व में प्रत्याशी रहे संतोष जायसवाल, भगवंता साहू समेत छह लोगों ने जवाहर साहू के निवास में जाकर उनके नेतृत्व में कांग्रेस प्रवेश किया। समाज की महिलाओं की बैठक में भी कांग्रेस प्रवेश की चर्चा हुई।
Published on:
25 Oct 2018 01:01 pm
बड़ी खबरें
View Allबिलासपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
