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चुनाव में शराब की इतनी हुई खपत की दो दिन से बिक्री के लिए नहीं थी एक भी बोतल

चुनाव में वोटरों को बांटने सफेद देशी शराब की होती है अधिक खपत

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Consumption of alcohol in election

चुनाव में शराब की इतनी हुई खपत की दो दिन से बिक्री के लिए नहीं थी एक भी बोतल

बिलासपुर. विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण के लिए २० नवंबर को होने वाले मतदान से पूर्व १८ नवंबर को शाम ५ बजे जिले की ७२ शराब दुकानें सील कर दी गई। शहर की १५ देशी शराब दुकानों में एेसा पहली बार हुआ है जब दुकानें बंद होने से दो दिन पहले ही सफेद देशी शराब अचानक खत्म हो गई। चुनाव में वोट बटोरने के लिए देशी शराब की अधिक खपत होती है। मजे की बात यह है कि शराब की मांग होने के बाद भी आबकारी विभाग ने स्टॉक शराब दुकानों में उपलब्ध नहीं कराया। वहीं जिले में अब तक पकड़ी गई चुनावी शराब भी सफेद देशी शराब ही है। २० नवंबर को मतदान के मद्देनजर जिला निर्वाचन अधिकारी ने १८ नवंबर को शाम ५ बजे जिले की सभी शराब दुकानों को सील करने का आदेश पहले से जारी कर दिया था। शराब दुकानें बंद रहने के मद्देनजर शराब प्रेमियों ने १६ नवंबर से ही अपने कोटे की शराब खरीदकर रखने के उद्देश्य से शराब दुकान पहुंचे। शहर की १५ देशी शराब दुकानों में १६ नवंबर को अचानक सफेद देशी शराब खत्म हो गई। लोगों ने शराब दुकान के सेल्समैन और सुपरवाइजर से जानकारी ली। सुपरवाइजरो ने यह कहकर बात को टाल दिया कि शराब की आपूर्ति कार्पोरेशन से नहीं हुई है।
शराब बिक गई और कर्मचारी हवाला दे रहे माल की पूर्ति नहीं हुई
शहर की शराब दुकानों के स्टॉक में सफेद देशी शराब लगभग खत्म हो चुकी है। महीने भी के स्टॉक को कर्मचारियों ने बिक्री होने का हिसाब अधिकारियों को दिया है। वहीं कर्मचारी लोगों को हवाला दे रहे हैं शराब दुकानों में देशी सफेद शराब की पूर्ति मांग के अनुसार नहीं हुई है।
शाम 5 बजे सील हई 72 शराब दुकानें
जिला निर्वाचन अधिकरी के आदेशानुसार रविवार शाम ५ बजे जिले की ४४ देशी व २८ विदेशी शराब दुकानों को सील कर दिया गया। शराब दुकानों को सुपरवाइजर और सेल्समैनों ने बंद किया। आबकारी अधिकारियों ने सभी शराब दुकानों की जांच करने के बाद सील लगा दिया। शराब दुकानें २१ नवंबर को खुलेंगी।