
Doctor Transfer
बिलासपुर। सिम्स में इलाज कराने आई महिला को डॉक्टरों ने बच्चेदानी के पास गाठ होने से बीआईडी में एमआरआई जांच के लिए भेजा जहां बच्चेदाने की जगह उसके चेस्ट का एमआरआई कर सिम्स वापस भेज दिया। डॉक्टरों ने गलत रिपोर्ट देख कर उसे लगातार पांच दिनों तक अलग अलग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजते रहें गलत एमआरआई जांच के कारण महिला का पांच दिनों बाद भी इलाज शुरु नहीं हो पाया और वो रोज इलाज कराने के लिए सिम्स अस्पताल में चक्कर काट रहीं है। मामले की शिकायत अस्पताल अधीक्षक से करते के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। जरहाभाठा ओम नगर निवासी रामप्यारी परास्ते पति संतोष परास्ते 34 वर्ष को काफी दिनों से पेट में दर्द हो रहा था 8 अक्टूबर को रामप्यारी सिम्स में उपचार कराने आई डॉक्टरों ने उसके बच्चेदानी में गाठ होने पर उसे कैंसर होने की संभावना जताते हुए कैंसर ओपीडी में भेज दिया जहां डॉक्टर ने महिला को अस्पताल में भर्ती कर बच्चेदानी के गाठ का एमआरआई कराने उसे रिंग रोड़ नंबर दो स्थित बीआईडी जांच सेंटर भेज दिया सेंटर में महिला के बच्चेदानी की गाठ के जगह उसके चेस्ट का एमआरआई कर दिया जिसे देखने के बाद कैंसर ओपीडी के डॉक्टर चंद्रहास धु्रव ने उसे गलत कहते हुए फिर से जांच कराने के लिए कहा और अस्पताल से छूट्टी दे दिया, वहीं गायनिक ओपीडी में जांच के लिए कहा महिला पिछले पांच दिनों से रोज सिम्स में सुबह से शाम तक इलाज के लिए भटक रही है पर उसे सही उपचार नहीं मिल पा रहा है। -0 आयुष्मान कार्ड से एक बार हो सकता है एमआरआई जांच छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थाना (सिम्स) में सालों से सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की सुविधा बंद है जिसके चलते महाराणा प्रताप चौक रिंग रोड नम्बर दो में स्थित बीआईडी जांच सेंटर से सीटी स्केन और एमआरआई करने के लिए अनुबंध किया गया है, जहां सिम्स में भर्ती हुए मरीजों को जांच के लिए भेजता है पर समय में गाड़ी और एंबूलेस नहीं मिलने के चलते मरीजों को रोज परेशानी का सामना कराना पड़ता है।
आयुष्मान से एक बार ही हो सकता है एमआरआई जांच...
आयुष्मान कार्ड से एमआरआई और सीटी स्केन के लिए मरीजों को रोज बीआईडी भेजा जाता है लेकिन जांच सेंटर से महीला का गलत जांच हो गया है और आयुष्मान कार्ड के पैकेज में दिए गए नियम के अनुसार एक सदस्य का एक बार ही एमआरआई जांच हो सकता है। वहीं महिला जब दोबार जांच कराने पहुंची तो कार्ड से इलाज नहीं हो पाएगा और अब जांच के लिए नगद 8 हजार भुगतान करने को कहा पैसे की तंगी के चलते महिला का जांच नहीं हो पा रहा है। -
महिला के बच्चेदानी में गाठ हो गई है कैंसर के संदेह में उसे हमारे ओपीडी में भेजा गया था एमआरआई जांच के लिए भेजा गया पर जांच गलत हो गई है वहीं उसे गयनिक डॉक्टर से जांच के लिए भेजा गया।
डॉ.चंद्रहास ध्रुव कैसर विभाग
यदि मरीज के बच्चेदानी की गाठ का एमआरआई करने के लिए डॉक्टर ने लिखा था और जांच सेंटर ने गलत जांच किया तो फिर से निशुल्क जांच करना होगा।
डॉ. पुनित भारद्बाज चिक्तिसा अधीक्षक सिम्स ।
Published on:
13 Oct 2019 02:03 pm
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