
डॉक्टर (फोटो पत्रिका नेटवर्क)
CG News: शासन के आदेश के बाद सभी सरकारी दफ्तरों व अस्पतालों में सप्ताह में 5 दिन कार्य हो रहा है। आदेश में यह भी कहा गया था कि सुबह 9 बजे तक सभी ड्यूटी पर पहुंच जाए। लेकिन जिला अस्पताल के डॉक्टर अपनी मनमानी कर रहे हैं। पत्रिका की टीम गुरुवार सुबह 9 बजे जिला अस्पताल पहुंच गई। टीम ने देखा कि अभी तक डॉक्टर नदारद है। ओपीडी तो खुल गया था। लेकिन अंदर केबिन में डॉक्टर नहीं थे। सुबह 9.20 बजे गए, इसके बावजूद एक भी डॉक्टर जिला अस्पताल नहीं पहुंचे।
इधर इलाज कराने आए मरीज बाहर चेयर में बैठकर उनका इंजतार कर रहे थे। हालात यह थे कि 9.35 तक गायनी, शिशु रोग, डेंटल समेत विभागों के डॉक्टर गायब थे। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इन डॉक्टरों को कई नोटिस थमना जा चुका है। यहातक कड़ी फटकार भी लगाई गई है। इसके बावजूद डॉक्टर सुधरने का नाम नहीं ले रहे है।
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि विलंब आने वाले डॉक्टरों को पूर्व में नोटिस दिया जा चुका है। लगातार 3 दिन विलंब से आने वाले डॉक्टर का एक सीएल कम किया जा रहा है। इसके बावजूद वह नहीं सुधरते है, तो उनका वेतन काटा जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में भी मातृ-शिशु अस्पताल भी है। यहा का हाल तो सबसे बुरा है। गुरुवार की सुबह 10 बजे तक एक भी डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचा था। वहीं ओपीडी के बाहर गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए इंतजार कर रही थीं।
एक तरफ डॉक्टर समय पर नहीं आते है। दूसरी तरफ उपचार के लिए मरीजों से रुपए लेने का आरोप भी उनपर लगता रहता है। खासकर गर्भवती महिलाओं का ऑपरेशन करने के लिए रुपए लेना आम बात हो गई है। जिसकी शिकायत भी प्रबंधन से की गई थी।
Updated on:
20 Jun 2025 01:21 pm
Published on:
20 Jun 2025 01:21 pm
