
चमकी की तरह शहर में इस मामले की हर दिन 163 शिकायतें, शहरवासियों की हालत ख़राब
बिलासपुर. बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस सरकार की प्रदेश में किरकिरी होने लगी तब शहरों में फ्यूज कॉल सेंटर (fuse call center) की व्यवस्था की गई। सिरगिट्टी ,राजकिशोर नगर से लेकर कोनी तक 9 कॉल सेंटर स्थापित किए गए हैं। यहां प्रतिदिन 163 शिकायतें मिल रही है। छोटी मोटी समस्याओं का तत्काल निराकरण कर दिया जा रहा है लेकिन बड़ी समस्या पर डेढ़ से दो घंटा लग जा रहा है। तब तक आम आदमी की हालत खराब हो जा रही है। प्रदेश में सरप्लस बिजली (surplus electricity in state) का दावा सरकार द्वारा किया जाता है। लेकिन प्रदेश में सर्वाधिक बिजली कटौती हो रही है। जिससे सरकार की फजीहत होने लगी थी (electricity cut in Bhupesh Baghel government)। चमकी (chamki fever) की तरह हर दिन बिजली कटौती की शिकायतें लगतार बढ़ रही हैं।
विपक्ष (opposition attack on government) ने बिजली के मुद्दे को (electricity cut in chhattisgarh) लेकर आवाज उठाना शुरू किया तो मुख्यमंत्री (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel) ने अफसरों निलंबित करने की चेतावनी दी। फिर भी हालात में सुधार नहीं आया तो तीन अधिकारियों को निलंबित कर अन्य अफसरों को मैसेज देने की कोशिश की गई कि बिजली में लापरवाही बरती गई तो कड़ी कार्रवाही की जाएगी। हालात पर काबू पाने के लिए विभागीय अफसरों ने आनन फानन में फ्यूज कॉल सेंटर खोला तब जाकर समझ में आया कि शहर के किस जोन में बिजली को लेकर कितनी शिकायते मिल रही है। पत्रिका द्वारा सुबह 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक सभी कॉल सेंटरों की जानकारी ली गई तो 163 शिकायतें आई है। प्रतिदिन की यह शिकायत कम नही है। बिजली विभाग (electricity bill half) के अफसरों पर और कढ़ाई बरतने की आवश्यकता है।
1. बिजली की शिकायत के लिए कॉल सेंटर खोलने से लोगों की शिकायत तो दर्ज हो जा रही है लेकिन बिजली की समस्या अभी बनी हुई है।
2. कॉल सेंटर खोलने से आम जनता को कम अफसरों को ज्यादा राहत मिली है। क्योंकि बिजली बंद होते लोग अफसरों को फोन लगाते थे फोन उठाते थे अनाप शनाप सुनते थे नहीं उठाते थे तो कार्यालय में तोडफ़ोड़ हो जाता था।
3. केबल शार्ट होने ,जम्पर कटने ,मीटर का तार हिल जाने से लेकर अनेक शिकायतों को कुछ देर में दूर कर दिया जाता है लेकिन ट्रांसफार्मर ब्रस्र्ट होने केबल टूटने पर घंटो लग जाता है।
4. बिजली विभाग की वर्षो पुरानी शिकायत अभी तक दूर नहीं हो पाई है। मीटर रीडिंग और बिजली बिल वितरण को लेकर ठेके पर दिया गया है लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
5. बिजली विभाग के अघोषित कटौती से लोगों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है साथ ही सुबह शाम टंकियों में पानी नहीं भर पाता है।
यहां बरती जा रही है सख्ती
हाल में ही राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल शहर पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने कहा था कि अफसरों को हिंदी में समझा दिया गया है। इसका असर भी कोरबा में देखने को मिला है। जहां विभाग के तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इतना ही नहीं वहां के अधीक्षण यंत्री ने तो बकायदा सभी अधिकारी व कर्मचारियों को मैसेज जारी कर दिया है कि यदि फोन नहीं उठा तो सख्त कार्रवाई होगी। पर बिलासपुर में ऐसी सख्ती फिलहाल नहीं दिख पा रही है।
शुक्रवार को आंधी तूफान आया था इसलिए शनिवार को ज्यादा कम्प्लेन मिली है। जो भी शिकायतें मिल रही है उसका तत्काल निराकरण करने का आदेश दिया गया है।
भीम सिंह, ईडी बिजली विभाग
कहां कितनी शिकायतें
तोरवा फ्यूज कॉल सेंटर - 17
आर के नगर - 15
पीजीबीटी फ्यूज कॉल - 18
व्यापार विहार - 13
सिरगिट्टी - 11
नेहरु नगर - 56
गोलबाजार क्षेत्र - 17
इंदु चौक 16
अशोक नगर व कोनी 12
Published on:
30 Jun 2019 02:32 pm
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