23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इसे कहते हैं आग लगने पर कुआं खोदना, मुश्किल से बचे मरीज, देखें वीडियो

वार्ड पार्षद शैलेंद्र जायसवाल और कांग्रेस नेता अमीन मुगल ने छत पर रखी पानी टंकी से पानी निकालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

2 min read
Google source verification
fire

बिलासपुर . शहर के बीचोंबीच गांधी चौक के पास खंडूजा अस्पताल की छत पर बने सर्वेंट क्वार्टर में मंगलवार की रात आग लग गई। आग बुझाने पहुंची नगर सेना की दोनों दमकलें असफल साबित हुईं। पहले को धक्का देकर अस्पताल के गेट तक लाना पड़ा, तो दूसरे की पाइप फट गई। ऊपरी मंजिल पर जहां आग लगी थी, वहां एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। पूरा पानी सड़क पर बहता रहा। मोहल्ले के पार्षद ने नागरिकों के साथ मिलकर आग बुझाई। आग बुझने के बाद बयानबाजी के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। जमकर गाली गलौज हुई। पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। घटना मंगलवार की रात 9 बजे की है। खंडूजा अस्पताल की छत पर बने सर्वेंट क्वार्टर में आग लग गई। देखते ही देखते तेज लपटें उठने लगीं। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली टीआई दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर में दमकल भी पहुंच गई। इसके पहले वार्ड पार्षद शैलेंद्र जायसवाल और कांग्रेस नेता अमीन मुगल ने छत पर रखी पानी टंकी से पानी निकालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इधर दमकल चढ़ाव के पहले ही बंद हो गई, जिसे धकेलकर अस्पताल के गेट तक लाया गया। लेकिन जैसे ही पाइप लगाकर पानी चालू किया गया, पता चला कि पाइप फटा हुआ है।

फौव्वारा छूटने लगा। दूसरी दमकल से आग बुझाने की कोशिश की गई, तो पता चला कि उसमें पानी ही नहीं है। ये दोनों दमकल गर्वनमेंट स्कूल पटाखा बाजार में खड़ी थीं। पार्षद और वार्डवासियों ने किसी तरह टंकी से पानी डालकर आग बुझाई। इसके बाद और दमकल आते रहे, लेकिन एक बंूद पानी ऊपर नहीं पहुंच सका। उम्मीद थी कि निगम से नगर सेना में जाने के बाद फायर बिग्रेड की हालत सुधरेगी लेकिन ऐसा नहीं है। शहरवासियों ने भी जान लिया कि आग लगे तो नगर सेना के दमकल पर भरोसा करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
भिड़े भाजपाई और कांग्रेसी : मीडिया से चर्चा के दौरान वार्ड पार्षद शैलेन्द्र जायसवाल ने कहा कि उन्होंने निगम आयुक्त को सूचना दी तो उन्होंने कह दिया कि ये उनका नहीं नगर सेना का काम है। वार्ड पार्षद ने दमकल की बदहाल व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए जिम्मेदार अफसरों पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। इतने में वहां मौजूद भाजपा नेता रंगानादम ने पार्षद पर नेतागिरी का आरोप लगाकर हंगामा और गाली गलौज शुरू कर दिया। इससे माहौल बिगडऩे लगा। सिटी कोतवाली टीआई ने दोनों पक्ष को समझाइश देकर शांत कराया।

मची अफरा-तफरी: दिवाली की वजह से ज्यादातर मरीज अस्पताल से छुट्टी कराकर घर चले गए हैं। लेकिन कुछ मरीज अभी भी अस्पताल में हैं। आगजनी के बाद अस्पताल में भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई। मरीज और उनके परिजन जान बचाने के लिए भागते रहे। लाइट ठप होने के कारण काफी देर तक परिजन अपने मरीजों को नीचे तलाशते रहे। बाद में उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।
एेसी दमकल व्यवस्था के भरोसे हैं शहरवासी : शहर के पौने चार लाख की आबादी आगजनी के दौरान कितनी सुरक्षित और नगर सेना का फायर ब्रिगेड अमला व संसाधन कितना सक्षम है। इसका नजारा मंगलवार को फिर देखने मिला। पाइप जगह-जगह से फटी होने के कारण अस्पताल से पॉलीथिन मांगकर पाइप में बांधा जाता रहा। लीकेज तेज होने से पूरा पानी सड़क पर बहता रहा।
टीआई को कहना पड़ा, इनके बस की बात नहीं : दोनों दमकलों के हालात को देखकर वहां खड़े सिटी कोतवाली टीआई आरपी शर्मा को सेट पर कंट्रोल रूम में प्वाइंट देकर एसईसीएल से दमकल मंगाने के लिए कहना पड़ा। उन्होंने कहा कि ये नगर सेना के दमकल और स्टाफ के बस की बात नहीं।