दसवीं में दो बार फेल हो चुकी हाईस्कूल की छात्रा कल्याणी का तीसरी बार भी पर्चा बिगड़ गया और उसकी बहन कॉलेज में द्वितीय वर्ष में पहुंच गई। बहन का आगे बढऩा और अपने हर बार फेल होने का मानसिक तनाव वह झेल नहीं सकी और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अपनी मौत से बहन के खुश होने का जिक्र उसने अपने सुसाइड नोट में भी किया है। सरकण्डा पुलिस के अनुसार बंधवापारा बलिहारी चौक में रहने वाली 16 वर्षीय कल्याणी पिता पुसऊ मरकाम पिछले 2 वर्षों से कक्षा 10वीं की परीक्षा दे रही है। इस बार तीसरे साल भी उसका पर्चा बिगड़ गया, जिससे वह परेशान थी।
मंगलवार को कल्याणी का बड़ा भाई दिनेश मरकाम (32) टाटा स्काई व डिश टीवी की दुकान में काम करने चला गया था। बड़ी बहन कल्पना सीएमडी कॉलेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है और वह कॉलेज चली गई थी। दोपहर 12 बजे उसकी मां कुंती जमीन संबंधी विवाद के सिलसिले में थाने गई थी। इसी बीच घर पर अकेली कल्याणी ने अपने दुपट्टे से फंदा बनाकर फांसी लगा ली। दोपहर 2 बजे मां घर लौटी तो कल्याणी का शव फंदे पर लटकता मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कल्याणी के शव के पास सुसाइड नोट बरामद किया।
परिजनों ने बताया पर्चा बिगडऩे से रहती थी परेशान
घटना के बाद पुलिस ने मृतक की मां कुंती, भाई दिनेश और बहन कल्पना का बयान दर्ज किया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कल्याणी कक्षा 10वीं में दो बार फेल हो चुकी है। इस वर्ष भी परीक्षा में उसका पर्चा बिगड़ गया था, जिससे वह परेशान रहती थी।